3D आकृतियाँ और स्थानिक समझ

Sunil Sagare
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1. आकृतियों का वर्गीकरण: 2D बनाम 3D

हमारे आस-पास की वस्तुएँ मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं। बच्चों में ज्यामितीय समझ विकसित करने का पहला चरण इनके बीच अंतर करना है।

द्विविमीय आकृतियाँ (2D Shapes)

  • परिभाषा: वे आकृतियाँ जिनमें केवल दो विमाएँ (लम्बाई और चौड़ाई) होती हैं।

  • इनमें मोटाई या ऊँचाई नहीं होती।

  • इन्हें समतल सतह (जैसे कागज) पर पूरी तरह से बनाया जा सकता है।

  • उदाहरण: वर्ग, आयत, त्रिभुज, वृत्त।

त्रिविमीय आकृतियाँ (3D Shapes)

  • परिभाषा: वे ठोस वस्तुएँ जिनमें तीन विमाएँ (लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई/गहराई) होती हैं।

  • ये स्थान घेरती हैं और इनका आयतन होता है।

  • इन्हें हम छू सकते हैं और चारों तरफ से देख सकते हैं।

  • उदाहरण: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला।


2. स्थानिक समझ (Spatial Understanding)

स्थानिक समझ का अर्थ है वस्तुओं की स्थिति, दिशा और उनके आपसी संबंधों को समझना। NCERT और CTET के अनुसार, यह गणितीय कौशल का आधार है।

मूलभूत अवधारणाएँ:

  • स्थिति का ज्ञान: ऊपर-नीचे, पास-दूर, अंदर-बाहर, दाएँ-बाएँ।

  • आकार की तुलना: बड़ा-छोटा, सबसे बड़ा-सबसे छोटा।

  • दृष्य-चित्रण (Visualization): छिपी हुई वस्तुओं का अनुमान लगाना (जैसे ईंटों के ढेर में छिपी ईंटें)।

लुढ़कना और सरकना (Rolling and Sliding):

यह प्राथमिक स्तर का एक बहुत महत्वपूर्ण कांसेप्ट है।

  • लुढ़कना (Rolling): वे वस्तुएँ जिनकी सतह वक्र (गोल) होती है, वे लुढ़कती हैं।

    • उदाहरण: गेंद, संतरा, बेलन (जब लेटा हुआ हो)।

  • सरकना (Sliding): वे वस्तुएँ जिनकी सतह समतल (Flat) होती है, वे सरकती हैं।

    • उदाहरण: माचिस की डिब्बी, किताब, संदूक।

  • लुढ़कना और सरकना दोनों: कुछ वस्तुएँ ऐसी होती हैं जो लुढ़क भी सकती हैं और सरक भी सकती हैं। यह उनकी सतह पर निर्भर करता है।

    • उदाहरण: सिक्का (खड़ा होकर लुढ़कता है, लेटकर सरकता है), कैरम की गोटी, बेलन।




3. बहुफलक (Polyhedron)

एक ऐसी 3D आकृति जो समतल फलकों (Flat Faces) से घिरी होती है, बहुफलक कहलाती है। इसमें कोई भी सतह वक्र (Curved) नहीं होती।

  • उदाहरण: घन, घनाभ, पिरामिड, प्रिज्म।

  • अपवाद (Non-Polyhedrons): गोला, बेलन, शंकु (क्योंकि इनमें वक्र सतह होती है)।

बहुफलक के तीन मुख्य भाग:

  1. फलक (Faces - F): आकृति की समतल सतहें। (जैसे कमरे की दीवारें)।

  2. किनारे (Edges - E): वह रेखाखंड जहाँ दो फलक मिलते हैं।

  3. शीर्ष (Vertices - V): वह कोना जहाँ तीन या उससे अधिक किनारे मिलते हैं।


4. यूलर का सूत्र (Euler's Formula)

यह CTET का सबसे पसंदीदा टॉपिक है। किसी भी बहुफलक (Polyhedron) के लिए फलकों, शीर्षों और किनारों के बीच एक निश्चित संबंध होता है।

सूत्र:

$$F + V - E = 2$$

या इसे ऐसे भी लिखा जा सकता है:

$$F + V = E + 2$$

जहाँ:

  • $F$ = फलकों की संख्या

  • $V$ = शीर्षों की संख्या

  • $E$ = किनारों की संख्या

महत्वपूर्ण नोट: यह सूत्र केवल बहुफलकों (जैसे घन, प्रिज्म) पर लागू होता है, गोला या बेलन पर नहीं।

उदाहरण प्रश्न:

यदि किसी बहुफलक में 6 फलक और 8 शीर्ष हैं, तो किनारों की संख्या क्या होगी?

  • $F = 6, V = 8$

  • सूत्र से: $6 + 8 - E = 2$

  • $14 - E = 2$

  • $E = 12$


5. प्रमुख 3D आकृतियाँ और उनके सूत्र

यहाँ हम महत्वपूर्ण ठोस आकृतियों के गुण और उनके क्षेत्रफल व आयतन के सूत्रों को समझेंगे।

शब्दावली संकेत:

  • CSA/LSA: वक्र/पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (सिर्फ दीवारों का क्षेत्रफल, ऊपर और नीचे का छोड़कर)।

  • TSA: सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (पूरी आकृति का क्षेत्रफल)।

  • Volume: आयतन (वस्तु द्वारा घेरा गया स्थान या धारिता)।

(i) घनाभ (Cuboid)

यह 6 आयताकार फलकों से बनी आकृति है। (जैसे: ईंट, कमरा, किताब)।

  • विशेषताएँ:

    • फलक ($F$) = 6

    • किनारे ($E$) = 12

    • शीर्ष ($V$) = 8

    • सभी कोण $90^\circ$ के होते हैं।

  • सूत्र: (माना लम्बाई=$l$, चौड़ाई=$b$, ऊँचाई=$h$)

    • आयतन:

      $$l \times b \times h$$
    • सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA):

      $$2(lb + bh + hl)$$
    • पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (LSA) / चार दीवारों का क्षेत्रफल:

      $$2(l + b) \times h$$
    • विकर्ण (Diagonal):

      $$\sqrt{l^2 + b^2 + h^2}$$

      (विकर्ण वह सबसे लम्बी छड़ है जो कमरे में रखी जा सकती है)

(ii) घन (Cube)

यह एक विशेष घनाभ है जिसकी लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई समान होती है। इसके सभी फलक वर्गाकार होते हैं। (जैसे: लूडो का पासा)।

  • सूत्र: (भुजा = $a$)

    • आयतन:

      $$a^3$$
    • सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA):

      $$6a^2$$
    • पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (LSA):

      $$4a^2$$
    • विकर्ण:

      $$a\sqrt{3}$$

(iii) बेलन (Cylinder)

यह एक वक्र सतह और दो वृत्ताकार समतल आधारों से बनी आकृति है। (जैसे: पाइप, ड्रम, गिलास)।

  • विशेषताएँ: इसमें 2 समतल फलक (ऊपर-नीचे) और 1 वक्र फलक होता है। इसमें कोई शीर्ष (Vertex) नहीं होता।

  • सूत्र: (त्रिज्या=$r$, ऊँचाई=$h$)

    • आयतन:

      $$\pi r^2 h$$
    • वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA):

      $$2\pi r h$$
    • सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA):

      $$2\pi r(r + h)$$

(iv) शंकु (Cone)

यह एक वृत्ताकार आधार और एक शीर्ष बिंदु वाली आकृति है। (जैसे: जोकर की टोपी, आइसक्रीम कोन)।

  • तिर्यक ऊँचाई (Slant Height - $l$):

    शंकु में सीधी ऊँचाई ($h$) और तिर्यक ऊँचाई ($l$) अलग होती हैं।

    $$l = \sqrt{h^2 + r^2}$$
  • सूत्र:

    • आयतन:

      $$\frac{1}{3} \pi r^2 h$$

      (यह बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है)

    • वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA):

      $$\pi r l$$
    • सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA):

      $$\pi r(l + r)$$

(v) गोला (Sphere) और अर्द्धगोला (Hemisphere)

  • गोला: एक ऐसी 3D आकृति जिसका हर बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होता है। (जैसे: फुटबॉल)।

    • फलक = 1 (वक्र), किनारा = 0, शीर्ष = 0।

  • सूत्र:

    • आयतन:

      $$\frac{4}{3} \pi r^3$$
    • पृष्ठीय क्षेत्रफल:

      $$4 \pi r^2$$
  • अर्द्धगोला (Hemisphere): गोले को आधा काटने पर बनता है। (जैसे: कटोरा)।

    • आयतन:

      $$\frac{2}{3} \pi r^3$$
    • वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA):

      $$2 \pi r^2$$
    • सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA):

      $$3 \pi r^2$$

      (वक्र भाग + ऊपर का वृत्ताकार भाग)


6. पासा (Dice) - रीजनिंग और गणित



पासा घन के आकार की एक वस्तु है जिसका उपयोग खेलों में किया जाता है। CTET में पासे की सतहों (Faces) पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

पासों के प्रकार:

  1. मानक पासा (Standard Dice):

    • विपरीत सतहों के अंकों का योग हमेशा 7 होता है।

    • अर्थात्: 1 के विपरीत 6, 2 के विपरीत 5, 3 के विपरीत 4 होगा।

    • पहचान: यदि सामने दिखने वाली किन्हीं भी दो सतहों का योग 7 नहीं है, तो वह मानक पासा हो सकता है।

  2. सामान्य पासा (General Dice):

    • इसमें किन्हीं भी दो निकटवर्ती (पड़ोसी) सतहों का योग 7 होता है।

    • इसमें विपरीत सतहों का योग कुछ भी हो सकता है।

पासे का प्रसार (Net of Dice/Cube):

जब एक पासे को खोला जाता है, तो हमें 6 वर्ग प्राप्त होते हैं। खुले पासे में विपरीत सतहों को पहचानने का नियम:

  • एक सीधी रेखा में एकांतर (Alternate) बॉक्स एक-दूसरे के विपरीत होते हैं।

  • अर्थात् एक बॉक्स छोड़कर अगला बॉक्स विपरीत होगा।


7. आयतन और धारिता (Volume vs Capacity)

अक्सर छात्र इन दोनों शब्दों को एक ही समझते हैं, लेकिन इनमें सूक्ष्म अंतर है:

  • आयतन (Volume): कोई ठोस वस्तु कितना स्थान (Space) घेरती है। यह ठोस वस्तु के बाहरी माप से संबंधित है। (इकाई: $\text{cm}^3, \text{m}^3$)

  • धारिता (Capacity): किसी बर्तन के अंदर कितनी मात्रा (द्रव या हवा) आ सकती है। यह बर्तन के आंतरिक आयतन को दर्शाता है। (इकाई: लीटर, मिलीलीटर)

महत्वपूर्ण रूपांतरण (Conversions):

  • $$1 \text{ cm}^3 = 1 \text{ mL}$$
  • $$1000 \text{ cm}^3 = 1 \text{ Liter}$$
  • $$1 \text{ m}^3 = 1000 \text{ Liters}$$

8. घनों की गिनती (Counting Cubes)



अक्सर परीक्षा में ब्लॉकों या घनों का एक ढेर दिया जाता है और पूछा जाता है कि कुल कितने घन हैं।

  • तकनीक: इसे परतों (Layers) में गिनें।

  • पहले सबसे नीचे की परत के घनों को गिनें (जो दिख रहे हैं + जो ऊपर वाले घनों के नीचे छिपे हैं)।

  • फिर उसके ऊपर की परत, और इसी तरह आगे बढ़ें।

  • उदाहरण: यदि 3-सीढ़ी वाली संरचना है:

    • नीचे की पंक्ति: $3$ घन

    • मध्य पंक्ति: $2$ घन

    • ऊपर की पंक्ति: $1$ घन

    • (यह संरचना के आकार पर निर्भर करता है, छिपे हुए घनों को न भूलें)।


9. पिरामिड और प्रिज्म (Pyramid and Prism)


ये दोनों बहुफलक हैं, लेकिन इनमें अंतर है।

  • प्रिज्म (Prism): इसका आधार (Base) और छत (Top) एक समान बहुभुज होते हैं। (जैसे: आयताकार प्रिज्म = घनाभ)। इसके पार्श्व फलक आयताकार होते हैं।

  • पिरामिड (Pyramid): इसका आधार एक बहुभुज होता है, लेकिन ऊपर के सभी फलक एक ही शीर्ष बिंदु (Apex) पर मिलते हैं। इसके पार्श्व फलक त्रिभुजाकार होते हैं।


अभ्यास और परीक्षा टिप्स

  • इकाई का ध्यान रखें: प्रश्न हल करते समय सुनिश्चित करें कि सभी विमाएँ (length, width) एक ही इकाई (जैसे cm या m) में हों।

  • अनुपात वाले प्रश्न: यदि दो घनों की भुजाओं का अनुपात $1:2$ है, तो उनके आयतन का अनुपात $1^3 : 2^3 = 1:8$ होगा।

  • पिघलाने वाले प्रश्न: जब किसी एक धातु के आकार को पिघलाकर दूसरा आकार बनाया जाता है, तो आयतन समान रहता है

    • $$V_{\text{new}} = V_{\text{old}}$$

शिक्षक-छात्रों के लिए सारांश:

CTET में सफलता के लिए केवल सूत्रों को रटना पर्याप्त नहीं है। आपको यह विजुअलाइज़ करना आना चाहिए कि कोई आकृति खुलने पर (Net) कैसी दिखेगी, या उसे घुमाने पर उसका दृश्य (View) कैसा होगा। प्रतिदिन की वस्तुओं (जैसे पानी की टंकी - बेलन, माचिस - घनाभ) के माध्यम से इन अवधारणाओं को मजबूत करें।



3D आकृतियाँ और स्थानिक समझ

Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes

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