हिन्दी अपठित गद्यांश और पद्यांश

Sunil Sagare
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1. अपठित गद्यांश और पद्यांश का स्वरूप

CTET परीक्षा में हिन्दी भाषा के प्रश्न पत्र का विभाजन इस प्रकार होता है:

  • कुल प्रश्न: 30

  • शिक्षाशास्त्र (Pedagogy): 15 प्रश्न

  • गद्यांश और पद्यांश (Comprehension): 15 प्रश्न

भाषा-1 (Language-I) का पैटर्न:

  • एक गद्यांश (Prose) - लगभग 9 प्रश्न (व्याकरण + समझ)।

  • एक पद्यांश (Poetry) - लगभग 6 प्रश्न (अलंकार + भाव + शब्द अर्थ)।

भाषा-2 (Language-II) का पैटर्न:

  • दो गद्यांश (Two Prose passages) - पद्यांश (कविता) नहीं आती है।

  • इसमें सामाजिक, साहित्यिक या वैज्ञानिक विषयों पर आधारित गद्यांश होते हैं।


2. गद्यांश हल करने की 'रिवर्स मेथड' (Reverse Method Strategy)

अधिकतर छात्र पहले पूरा गद्यांश पढ़ते हैं और फिर प्रश्न देखते हैं। यह तरीका समय बर्बाद करता है। CTET के लिए सबसे सटीक रणनीति निम्नलिखित है:

चरण 1: पहले प्रश्नों को पढ़ें (Read Questions First)

  • गद्यांश को पढ़ने से पहले, उसके नीचे दिए गए प्रश्नों को सरसरी निगाह से देखें।

  • प्रश्नों में पूछे गए मुख्य शब्दों (Keywords) को दिमाग में नोट करें (जैसे- किसी का नाम, वर्ष, स्थान, या विशिष्ट शब्द)।

चरण 2: कीवर्ड स्कैनिंग (Keyword Scanning)

  • अब गद्यांश को पढ़ना शुरू करें।

  • जैसे ही आपको प्रश्न वाला 'कीवर्ड' दिखे, उस पंक्ति को ध्यान से पढ़ें।

  • उत्तर अक्सर उसी पंक्ति या उसकी अगली/पिछली पंक्ति में छिपा होता है।

चरण 3: व्याकरण के प्रश्नों की पहचान

  • गद्यांश में 2 से 3 प्रश्न शुद्ध व्याकरण (संधि, समास, प्रत्यय, विलोम) पर आधारित होते हैं।

  • इन प्रश्नों के लिए गद्यांश पढ़ने की आवश्यकता नहीं होती, इन्हें सीधे व्याकरण के ज्ञान से हल किया जा सकता है।


3. पद्यांश (कविता) को हल करने की विशेष तकनीकें

कविताओं की भाषा लाक्षणिक होती है। इसमें सीधा अर्थ नहीं, बल्कि भावार्थ (Hidden Meaning) समझना होता है।

  • शीर्षक का चयन: कविता के केंद्रीय भाव (Central Idea) को पहचानें। जो शब्द बार-बार आए या जिस विषय पर जोर दिया गया हो, वही शीर्षक होता है।

  • प्रतीकात्मक शब्द: कविता में 'दीपक' का अर्थ सिर्फ दीया नहीं, बल्कि 'ज्ञान' या 'आशा' हो सकता है। 'अंधेरा' का अर्थ 'मुसीबत' या 'अज्ञान' हो सकता है। संदर्भ के अनुसार अर्थ निकालें।

  • काव्यांश की शैली: पहचानें कि कविता वीर रस (उत्साह), करुण रस (दुःख), या वात्सल्य रस (प्रेम) में है। इससे उत्तर का टोन (Tone) पता चलता है।


4. गद्यांश/पद्यांश के लिए महत्वपूर्ण व्याकरण (Essential Grammar)

CTET के पैराग्राफ आधारित प्रश्नों में व्याकरण के कुछ विशिष्ट टॉपिक बार-बार पूछे जाते हैं। नीचे उनके प्रमुख नियम और शॉर्टकट्स दिए गए हैं।

A. संधि (Sandhi) - शब्दों का मेल

संधि विच्छेद के प्रश्न गद्यांश में अक्सर आते हैं।

1. दीर्घ स्वर संधि:

  • जब समान स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं।

  • पहचान: शब्द के बीच में 'आ', 'ई', 'ऊ' की मात्रा।

  • उदाहरण:

    • विद्यालय = विद्या + आलय

    • हिमालय = हिम + आलय (अ + आ = आ)

    • कवीन्द्र = कवि + इन्द्र

2. गुण स्वर संधि:

  • पहचान: शब्द के ऊपर एक मात्रा (ए, ओ) या 'अर्' की ध्वनि।

  • उदाहरण:

    • सुरेन्द्र = सुर + इन्द्र (एक मात्रा)

    • महोदय = महा + उदय (ओ की मात्रा)

    • महर्षि = महा + ऋषि

3. वृद्धि स्वर संधि:

  • पहचान: शब्द के ऊपर दो मात्राएँ (ऐ, औ)।

  • उदाहरण:

    • सदैव = सदा + एव

    • महौषध = महा + औषध

4. यण स्वर संधि:

  • पहचान: 'य', 'व', 'र' से पहले आधा अक्षर होता है।

  • उदाहरण:

    • स्वागत = सु + आगत

    • अत्याचार = अति + आचार

B. समास (Samas) - शब्दों का संक्षिप्तीकरण

गद्यांश में हाइफन (-) वाले शब्दों में समास पूछा जाता है।

  • अव्ययीभाव समास: पहला पद प्रधान और अव्यय (उपसर्ग) होता है।

    • उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार), प्रतिदिन, आजन्म।

  • तत्पुरुष समास: कारक चिह्नों (का, की, को, के लिए, से) का लोप होता है।

    • उदाहरण: राजपुत्र (राजा का पुत्र), गगनचुंबी (गगन को चूमने वाला)।

  • कर्मधारय समास: विशेषण-विशेष्य संबंध (तुलना या विशेषता)।

    • उदाहरण: नीलकमल (नीला है जो कमल), महात्मा (महान है जो आत्मा)।

  • द्विगु समास: पहला पद संख्यावाचक (Number) होता है।

    • उदाहरण: चौराहा (चार राहों का समूह), नवरत्न।

  • द्वंद्व समास: दोनों पद प्रधान और बीच में 'और/या' का भाव।

    • उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता), सुख-दुःख।

  • बहुव्रीहि समास: कोई पद प्रधान नहीं, तीसरा अर्थ निकलता है।

    • उदाहरण: दशानन (रावण), पीताम्बर (कृष्ण/विष्णु)।

C. प्रत्यय और उपसर्ग (Suffix & Prefix)

उपसर्ग (Prefix): शब्द के आरम्भ में लगने वाले शब्दांश।

  • उदाहरण: 'अन्याय' में 'अ' उपसर्ग है। 'प्रहार' में 'प्र' उपसर्ग है।

प्रत्यय (Suffix): शब्द के अंत में लगने वाले शब्दांश।

  • CTET में अक्सर 'इक', 'ता', 'त्व' प्रत्यय पूछे जाते हैं।

  • महत्वपूर्ण नियम (इक प्रत्यय): जब किसी शब्द में 'इक' प्रत्यय लगता है, तो शब्द का पहला स्वर बदल (वृद्धि) जाता है।

    • समाज + इक = सामाजिक ('स' का 'सा' हो गया)

    • धर्म + इक = धार्मिक

    • विज्ञान + इक = वैज्ञानिक

    • अध्यात्म + इक = ध्यात्मिक

D. शब्द भेद (तत्सम, तद्भव, देशज)

  • तत्सम: संस्कृत के मूल शब्द जो हिन्दी में ज्यों के त्यों प्रयोग होते हैं। (जैसे- अग्नि, सूर्य, हस्त, आम्र)।

    • ट्रिक: 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र' और 'ऋ' की मात्रा वाले शब्द प्रायः तत्सम होते हैं।

  • तद्भव: संस्कृत शब्दों का बदला हुआ रूप। (जैसे- आग, सूरज, हाथ, आम)।


5. अलंकार (Figures of Speech) - केवल पद्यांश के लिए

कविता की पंक्तियों में अलंकार पहचानने के प्रश्न आते हैं।

  • अनुप्रास: जहाँ एक ही वर्ण (Letter) की आवृत्ति बार-बार हो।

    • उदाहरण: "चारु चन्द्र की चंचल किरणें" ('च' वर्ण की आवृत्ति)।

  • यमक: एक ही शब्द एक से अधिक बार आए, लेकिन अर्थ अलग हो।

    • उदाहरण: "कनक कनक ते सौ गुनी" (एक कनक = सोना, दूसरा कनक = धतूरा)।

  • श्लेष: शब्द एक ही बार आए, पर उसके अर्थ अनेक हों।

    • उदाहरण: "रहमन पानी राखिये" (पानी = चमक, इज्जत, जल)।

  • उपमा: तुलना की जाए (सा, सी, से, सम, सरिस शब्द आते हैं)।

    • उदाहरण: "पीपर पात सरिस मन डोला"।

  • रूपक: भेद खत्म करके एक मान लिया जाए (योजक चिह्न '-' अक्सर होता है, और 'सा/सी' नहीं होता)।

    • उदाहरण: "मैया मैं तो चन्द्र-खिलौना लैहों" (चाँद को ही खिलौना मान लिया)।

  • मानवीकरण: प्रकृति को मनुष्य की तरह कार्य करते दिखाना।

    • उदाहरण: "फूल हँसे, कलियाँ मुस्काई"।


6. हल करने का अभ्यास (Solved Example Analysis)

नीचे दिए गए मॉडल गद्यांश के आधार पर समझें कि उत्तर कैसे खोजे जाते हैं।

गद्यांश का सारांश: "अध्यात्म मन का राजा होने का मार्ग खोलता है। अपने मन का राजा होने का मतलब मन पर स्वयं का अंकुश रखना। राजा बनिए लेकिन शुद्ध विचारों का। अन्याय और अधर्म से भयभीत न हों।"

प्रश्न विश्लेषण:

  1. प्रश्न: 'अपने मन का राजा होने' से क्या तात्पर्य है?

    • सोच: गद्यांश की दूसरी पंक्ति देखें- "मतलब मन पर स्वयं का अंकुश रखना।"

    • सही उत्तर: मन को नियंत्रित करना।

  2. प्रश्न: 'अध्यात्म' शब्द में कौन सा प्रत्यय प्रयोग किया जा सकता है?

    • सोच: यह व्याकरण का प्रश्न है। गद्यांश पढ़ने की जरूरत नहीं।

    • नियम: अध्यात्म + इक = आध्यात्मिक।

    • सही उत्तर: 'इक' प्रत्यय।

  3. प्रश्न: राजा का अनिवार्य गुण नहीं है?

    • सोच: गद्यांश में लिखा है "अन्याय, अधर्म आदि के भय से भयभीत न हों"।

    • निष्कर्ष: डरना (धर्मभीरू होना) राजा का गुण नहीं है। निर्भयता गुण है।


7. सामान्य त्रुटियाँ और उनसे बचाव (Common Mistakes)

  • अपनी राय मिलाना: गद्यांश के प्रश्नों का उत्तर सिर्फ गद्यांश में दी गई जानकारी के आधार पर दें। भले ही वह जानकारी आपके सामान्य ज्ञान (GK) से अलग हो। यदि गद्यांश में लिखा है "सूर्य पश्चिम से निकलता है", तो उत्तर में यही सही मानना होगा।

  • समय प्रबंधन: एक गद्यांश पर 5-7 मिनट से अधिक समय न दें। यदि कोई प्रश्न नहीं मिल रहा, तो उसे छोड़ दें और अंत में देखें।

  • व्याकरण में तुक्का: व्याकरण के प्रश्न (विलोम, संधि) संदर्भ के अनुसार बदल सकते हैं। गद्यांश में शब्द किस अर्थ में प्रयोग हुआ है, यह जरूर देखें।


8. विशेषण और विशेष्य की पहचान

गद्यांश में अक्सर पूछा जाता है- "इनमें से कौन सा विशेषण-विशेष्य का युग्म नहीं है?"

  • विशेषण (Adjective): जो विशेषता बताए (कैसा है?)।

  • विशेष्य (Noun/Subject): जिसकी विशेषता बताई जाए (कौन है?)।

  • उदाहरण: 'वैचारिक सुन्दरता'

    • यहाँ 'सुन्दरता' (विशेष्य) कैसी है? -> 'वैचारिक' (विशेषण)।

  • ट्रिक: शब्द के आगे "कैसा/कैसी" लगाकर प्रश्न करें। यदि उत्तर मिले तो वह विशेषण है।


9. वचन और लिंग (Gender & Number)

  • लिंग पहचान की ट्रिक: शब्द के साथ "होता है" या "होती है" लगाकर वाक्य बनाएँ।

    • दही -> दही खट्टा होता है (पुल्लिंग)।

    • किताब -> किताब अच्छी होती है (स्त्रीलिंग)।

    • आत्मा -> आत्मा अमर होती है (स्त्रीलिंग)।

  • वचन: कुछ शब्द सदैव बहुवचन में प्रयोग होते हैं: प्राण, दर्शन, हस्ताक्षर, आँसू।

    • उदाहरण: "मेरे प्राण निकल गए" (गया नहीं)।


10. निष्कर्ष (Conclusion)

CTET में अपठित गद्यांश केवल पढ़ने की क्षमता नहीं, बल्कि आपकी तार्किक क्षमता और व्याकरण की पकड़ भी जाँचता है। प्रतिदिन कम से कम 2 गद्यांश हल करें।

  1. प्रश्नों को पहले पढ़ें।

  2. कीवर्ड्स को रेखांकित करें।

  3. व्याकरण के नियमों (संधि, समास, प्रत्यय) को कंठस्थ करें।

इन तकनीकों का पालन करके आप हिन्दी भाग में 30 में से 28+ अंक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।



अपठित गद्यांश और पद्यांश

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