1. अम्ल (Acids) का परिचय
अम्ल वे पदार्थ हैं जो स्वाद में खट्टे होते हैं और रासायनिक रूप से सक्रिय होते हैं।
स्वाद: ये स्वाद में खट्टे (Sour) होते हैं।
लिटमस परीक्षण: ये नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं।
उत्पत्ति: 'Acid' शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'acere' से हुई है, जिसका अर्थ है 'खट्टा'।
जलीय विलयन: अम्ल जल में घुलने पर $\text{H}^+$ (हाइड्रोजन आयन) प्रदान करते हैं।
उदाहरण: $\text{HCl} \rightarrow \text{H}^+ + \text{Cl}^-$
अम्लों के प्रकार:
प्राकृतिक अम्ल (Organic Acids): ये पादपों और जंतुओं में पाए जाते हैं। ये दुर्बल (Weak) होते हैं।
सिरका (Vinegar): एसिटिक अम्ल ($\text{CH}_3\text{COOH}$)
संतरा/नींबू: सिट्रिक अम्ल
इमली/अंगूर: टार्टरिक अम्ल
टमाटर: ऑक्सालिक अम्ल ($\text{C}_2\text{H}_2\text{O}_4$)
दही (खट्टा दूध): लैक्टिक अम्ल
चींटी का डंक/नेटल का डंक: मेथेनोइक अम्ल (इसे फॉर्मिक अम्ल भी कहते हैं - $\text{HCOOH}$)
सेब: मैलिक अम्ल
खनिज अम्ल (Mineral Acids): ये पृथ्वी के खनिजों से तैयार किए जाते हैं। ये प्रबल (Strong) होते हैं।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($\text{HCl}$)
सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$) - इसे 'रसायनों का राजा' कहा जाता है।
नाइट्रिक अम्ल ($\text{HNO}_3$)
2. क्षारक (Bases) का परिचय
क्षारक वे पदार्थ हैं जो स्पर्श में साबुन जैसे चिकने होते हैं।
स्वाद: ये स्वाद में कड़वे (Bitter) होते हैं।
स्पर्श: छूने पर साबुन जैसे लगते हैं।
लिटमस परीक्षण: ये लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं।
जलीय विलयन: क्षारक जल में घुलने पर $\text{OH}^-$ (हाइड्रॉक्साइड आयन) प्रदान करते हैं।
क्षार (Alkalis): वे क्षारक जो जल में घुलनशील होते हैं, 'क्षार' कहलाते हैं। (नोट: सभी क्षार, क्षारक होते हैं, लेकिन सभी क्षारक, क्षार नहीं होते।)
प्रमुख क्षारक और उनके स्रोत:
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड $\text{Ca(OH)}_2$: चूने का पानी (Lime water)।
अमोनियम हाइड्रॉक्साइड $\text{NH}_4\text{OH}$: खिड़की का काँच साफ करने वाला मार्जक।
सोडियम हाइड्रॉक्साइड $\text{NaOH}$ / पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड $\text{KOH}$: साबुन।
मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड $\text{Mg(OH)}_2$: इसे 'मिल्क ऑफ मैग्नीशिया' कहते हैं (प्रति-अम्ल/Antacid के रूप में उपयोग होता है)।
3. सूचक (Indicators)
सूचक वे पदार्थ हैं जो अपने रंग या गंध में परिवर्तन द्वारा यह बताते हैं कि कोई पदार्थ अम्लीय है या क्षारकीय।
1. प्राकृतिक सूचक (Natural Indicators):
लिटमस (Litmus): यह 'लाइकेन' (Lichen) नामक पौधे से निकाला जाता है। आसुत जल में इसका रंग 'माव' (नीलशोण) होता है।
हल्दी (Turmeric):
अम्ल के साथ: पीला (कोई बदलाव नहीं)।
क्षारक के साथ: लाल-भूरा।
गुड़हल (China Rose):
अम्ल के साथ: गहरा गुलाबी (मैजेंटा)।
क्षारक के साथ: हरा।
2. संश्लेषित सूचक (Synthetic Indicators):
फिनॉलफ्थेलिन (Phenolphthalein):
अम्ल के साथ: रंगहीन (Colorless)।
क्षारक के साथ: गुलाबी (Pink)।
मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange):
अम्ल के साथ: लाल।
क्षारक के साथ: पीला।
3. गंधीय सूचक (Olfactory Indicators):
जिन पदार्थों की गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है।
प्याज़ और वनीला:
अम्ल में: गंध बनी रहती है।
क्षारक में: गंध समाप्त हो जाती है।
4. अम्लों और क्षारकों के रासायनिक गुण
यहाँ हम रासायनिक अभिक्रियाओं को सूत्रों के माध्यम से समझेंगे।
A. धातुओं के साथ अभिक्रिया (Reaction with Metals):
जब अम्ल किसी धातु के साथ अभिक्रिया करता है, तो हाइड्रोजन गैस निकलती है। यह गैस जलती हुई माचिस की तीली ले जाने पर 'पॉप' (Pop) ध्वनि के साथ जलती है।
सामान्य सूत्र:
$$\text{Acid} + \text{Metal} \rightarrow \text{Salt} + \text{Hydrogen Gas}$$उदाहरण (अम्ल):
$$\text{2HCl} + \text{Zn} \rightarrow \text{ZnCl}_2 + \text{H}_2$$उदाहरण (क्षारक):
$$\text{2NaOH} + \text{Zn} \rightarrow \text{Na}_2\text{ZnO}_2 + \text{H}_2$$(यहाँ $\text{Na}_2\text{ZnO}_2$ को सोडियम जिंकेट कहते हैं।)
B. धातु कार्बोनेट और धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया:
अम्ल इनके साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) गैस उत्पन्न करते हैं। यह गैस चूने के पानी को दूधिया (Milky) कर देती है।
अभिक्रिया:
$$\text{Na}_2\text{CO}_3 + \text{2HCl} \rightarrow \text{2NaCl} + \text{H}_2\text{O} + \text{CO}_2$$चूने के पानी का दूधिया होना:
$$\text{Ca(OH)}_2 + \text{CO}_2 \rightarrow \text{CaCO}_3 + \text{H}_2\text{O}$$($\text{CaCO}_3$ एक श्वेत अवक्षेप है।)
5. उदासीनीकरण (Neutralization)
जब किसी अम्ल और क्षारक को उचित मात्रा में मिलाया जाता है, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को नष्ट कर देते हैं। इस प्रक्रिया में लवण (Salt) और जल बनता है तथा ऊष्मा निकलती है।
सामान्य सूत्र:
$$\text{Acid} + \text{Base} \rightarrow \text{Salt} + \text{Water} + \text{Heat}$$उदाहरण:
$$\text{HCl} + \text{NaOH} \rightarrow \text{NaCl} + \text{H}_2\text{O}$$(हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + सोडियम हाइड्रॉक्साइड $\rightarrow$ सोडियम क्लोराइड + जल)
6. अम्लों और क्षारकों में जल (Dilution)
जल में अम्ल या क्षारक मिलाने पर आयन की सांद्रता ($\text{H}_3\text{O}^+ / \text{OH}^-$) में प्रति इकाई आयतन में कमी आती है। इसे तनुकरण (Dilution) कहते हैं।
सावधानी: हमेशा अम्ल को जल में धीरे-धीरे मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में। क्योंकि यह प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है। यदि सांद्र अम्ल में जल डाला जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण बाहर आ सकता है और जला सकता है।
7. pH स्केल (pH Scale)
किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता मापने के लिए pH स्केल का उपयोग किया जाता है। 'p' का अर्थ है 'potenz' (जर्मन शब्द), जिसका अर्थ है शक्ति।
स्केल परास (Range): 0 से 14 तक।
उदासीन विलयन (Neutral): pH = 7 (उदा. शुद्ध जल)।
अम्लीय विलयन (Acidic): pH < 7 (7 से कम)। मान जितना कम होगा, अम्ल उतना ही प्रबल होगा।
क्षारकीय विलयन (Basic): pH > 7 (7 से अधिक)। मान जितना अधिक होगा, क्षारक उतना ही प्रबल होगा।
महत्वपूर्ण पदार्थों का अनुमानित pH मान:
जठर रस (Gastric Juice): लगभग 1.2
नींबू का रस: लगभग 2.2
शुद्ध जल / रक्त: 7.4
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया: 10
सोडियम हाइड्रॉक्साइड ($\text{NaOH}$): 14
8. दैनिक जीवन में pH का महत्व
पौधे और पशु: हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास के बीच कार्य करता है।
अम्लीय वर्षा (Acid Rain): जब वर्षा के जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो इसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। यह जलीय जीवों के लिए हानिकारक है।
पाचन तंत्र: हमारा उदर (Stomach) पाचन के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($\text{HCl}$) उत्पन्न करता है। अपच की स्थिति में, उदर अत्यधिक अम्ल बनाता है जिससे दर्द होता है। इससे राहत पाने के लिए 'एन्टैसिड' (Antacid) जैसे क्षारकों (उदा. $\text{Mg(OH)}_2$) का उपयोग किया जाता है।
दंत क्षय (Tooth Decay): मुँह का pH मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का इनेमल (कैल्शियम फॉस्फेट से बना) संक्षारित होने लगता है। क्षारीय दंतमंजन का उपयोग करने से अम्ल की अधिकता उदासीन हो जाती है।
पशुओं/पौधों द्वारा आत्मरक्षा:
मधुमक्खी का डंक: एक अम्ल छोड़ता है जिससे दर्द होता है। बेकिंग सोडा (हल्का क्षारक) लगाने से राहत मिलती है।
नेटल (Nettle) के पत्ते: इनके बालनुमा काँटे मेथेनोइक अम्ल छोड़ते हैं।
9. साधारण लवण से रसायन (Chemicals from Common Salt)
साधारण नमक ($\text{NaCl}$) कई रसायनों के निर्माण के लिए कच्चा माल है।
1. सोडियम हाइड्रॉक्साइड ($\text{NaOH}$)
निर्माण: सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (लवण जल) से विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर $\text{NaOH}$ बनाता है। इस प्रक्रिया को क्लोर- क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process) कहते हैं।
अभिक्रिया:
$$\text{2NaCl}(aq) + \text{2H}_2\text{O}(l) \rightarrow \text{2NaOH}(aq) + \text{Cl}_2(g) + \text{H}_2(g)$$उपयोग: साबुन और अपमार्जक बनाने में, कागज निर्माण में।
2. विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) - $\text{CaOCl}_2$
निर्माण: शुष्क बुझे हुए चूने ($\text{Ca(OH)}_2$) पर क्लोरीन गैस की क्रिया से।
अभिक्रिया:
$$\text{Ca(OH)}_2 + \text{Cl}_2 \rightarrow \text{CaOCl}_2 + \text{H}_2\text{O}$$उपयोग:
वस्त्र उद्योग में सूती और लिनन के विरंजन के लिए।
drinking water को रोगाणुमुक्त (disinfect) करने के लिए।
3. बेकिंग सोडा (Baking Soda) - $\text{NaHCO}_3$
रासायनिक नाम: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट।
निर्माण:
$$\text{NaCl} + \text{H}_2\text{O} + \text{CO}_2 + \text{NH}_3 \rightarrow \text{NH}_4\text{Cl} + \text{NaHCO}_3$$उपयोग:
खाद्य पदार्थों में खमीर उठाने के लिए (गर्म करने पर $\text{CO}_2$ गैस निकलती है जो केक को स्पंजी बनाती है)।
एन्टैसिड का एक संघटक।
अग्निशामक यंत्रों (Fire extinguishers) में (सोडा-अम्ल अग्निशामक)।
4. धोने का सोडा (Washing Soda) - $\text{Na}_2\text{CO}_3 \cdot \text{10H}_2\text{O}$
निर्माण: बेकिंग सोडा को गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट प्राप्त होता है, जिसके पुनः क्रिस्टलीकरण से धोने का सोडा मिलता है।
सूत्र:
$$\text{Na}_2\text{CO}_3 + \text{10H}_2\text{O} \rightarrow \text{Na}_2\text{CO}_3 \cdot \text{10H}_2\text{O}$$उपयोग:
काँच, साबुन और कागज उद्योगों में।
जल की स्थायी कठोरता (Permanent hardness) हटाने के लिए।
घरों में साफ-सफाई के लिए।
5. प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris - POP) - $\text{CaSO}_4 \cdot \frac{1}{2}\text{H}_2\text{O}$
रासायनिक नाम: कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट।
निर्माण: जिप्सम ($\text{CaSO}_4 \cdot \text{2H}_2\text{O}$) को $373\text{K}$ पर गर्म करने पर यह जल के अणुओं का त्याग कर POP बनाता है।
अभिक्रिया:
$$\text{CaSO}_4 \cdot \text{2H}_2\text{O} \xrightarrow{\text{Heat}} \text{CaSO}_4 \cdot \frac{1}{2}\text{H}_2\text{O} + 1\frac{1}{2}\text{H}_2\text{O}$$महत्वपूर्ण: इसे हमेशा आर्द्रता-रोधी बर्तन में रखना चाहिए क्योंकि नमी के संपर्क में आते ही यह पुनः ठोस जिप्सम बन जाता है।
उपयोग:
टूटी हुई हड्डियों को सही जगह पर स्थिर रखने के लिए (प्लास्टर)।
मूर्तियाँ और खिलौने बनाने में।
सतह को चिकना बनाने में।
10. क्रिस्टलन का जल (Water of Crystallization)
लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन का जल कहते हैं।
उदाहरण 1 (कॉपर सल्फेट): $\text{CuSO}_4 \cdot \text{5H}_2\text{O}$ (नीला रंग)। गर्म करने पर यह जल हट जाता है और लवण श्वेत हो जाता है।
उदाहरण 2 (जिप्सम): $\text{CaSO}_4 \cdot \text{2H}_2\text{O}$
11. महत्वपूर्ण लवण परिवार (Family of Salts)
एक ही प्रकार के धन मूलक या ऋण मूलक वाले लवण एक ही परिवार के कहलाते हैं।
सोडियम लवण: $\text{NaCl}, \text{Na}_2\text{SO}_4$
क्लोराइड लवण: $\text{NaCl}, \text{KCl}$
लवणों का pH:
प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक $\rightarrow$ उदासीन लवण (pH = 7) (उदा. $\text{NaCl}$)
प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक $\rightarrow$ अम्लीय लवण (pH < 7) (उदा. $\text{NH}_4\text{Cl}$)
दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक $\rightarrow$ क्षारकीय लवण (pH > 7) (उदा. $\text{Na}_2\text{CO}_3$)
CTET परीक्षा के लिए 'क्विक टिप्स':
धातु ऑक्साइड क्षारीय (Basic) होते हैं (उदा. $\text{MgO}$)।
अधातु ऑक्साइड अम्लीय (Acidic) होते हैं (उदा. $\text{SO}_2, \text{CO}_2$)।
सोना और प्लेटिनम केवल 'अम्लराज' (Aqua Regia) में घुलते हैं।
Aqua Regia: यह $3$ भाग सांद्र $\text{HCl}$ और $1$ भाग सांद्र $\text{HNO}_3$ का ताजा मिश्रण है।
बाल विकास के सिद्धान्त
Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes
