स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका

Sunil Sagare
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1. स्वास्थ्य क्या है? (What is Health?)

साधारण शब्दों में हम स्वास्थ्य को केवल बीमारियों से मुक्त रहने की क्षमता मानते हैं। लेकिन, NCERT और व्यापक दृष्टिकोण के अनुसार, स्वास्थ्य के कई अन्य पहलू भी हैं जो बीमारी से सीधे नहीं जुड़े हैं लेकिन स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

  • व्यापक परिभाषा: यदि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी और रहने के लिए प्रदूषण मुक्त वातावरण मिले, तो वे स्वस्थ रहेंगे। इसके विपरीत, यदि लोगों को भरपेट भोजन न मिले या उन्हें घुटन भरी अवस्था में रहना पड़े, तो उनके बीमार पड़ने की संभावना अधिक होती है।

  • तनाव और मानसिक स्थिति: जो कुछ भी हम करते हैं, उसे चुस्ती और ऊँचे मनोबल के साथ करना चाहिए। सुस्त रहना, चिंताग्रस्त होना और लंबे समय तक डरे-सहमे रहना स्वस्थ जीवन के लक्षण नहीं हैं।

  • निष्कर्ष: बीमारी के अलावा पीने का पानी, प्रदूषण, आवास, भोजन और मानसिक तनाव भी स्वास्थ्य का हिस्सा हैं।


2. भारत में स्वास्थ्य सेवाएं: एक विरोधाभास

भारत में स्वास्थ्य की स्थिति को समझने के लिए हमें दो अलग-अलग पहलुओं को देखना होगा। एक तरफ भारत के पास चिकित्सा क्षेत्र में विश्वस्तरीय क्षमता है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता तक सुविधाएं पहुँचाने में हम पीछे हैं।

सकारात्मक पहलू (Positive Aspects)नकारात्मक पहलू (Negative Aspects)
संसार भर में भारत में सर्वाधिक चिकित्सा महाविद्यालय हैं और यहाँ सबसे अधिक डॉक्टर तैयार किए जाते हैं। प्रतिवर्ष लगभग 30,000 से अधिक नए डॉक्टर योग्यता प्राप्त करते हैं।भारत के अधिकांश डॉक्टर शहरी क्षेत्रों में बसते हैं। ग्रामवासियों को डॉक्टर तक पहुँचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या बहुत कम है।
पिछले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा में काफी वृद्धि हुई है। 1950 में भारत में केवल 2,717 अस्पताल थे। 1991 में 11,174 और 2017 में यह संख्या बढ़कर 23,583 हो गई।भारत में करीब 5 लाख लोग प्रतिवर्ष तपेदिक (TB) से मर जाते हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक इस संख्या में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है।
भारत में विदेशों से बहुत बड़ी संख्या में इलाज कराने हेतु चिकित्सा पर्यटक आते हैं। वे उपचार के लिए भारत के उन अस्पतालों में आते हैं जिनकी तुलना संसार के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों से की जाती है।हर वर्ष मलेरिया के लगभग 20 लाख मामलों की रिपोर्ट प्राप्त होती है। यह संख्या कम नहीं हो रही है।
भारत विश्व का दवाइयां निर्मित करने वाला तीसरा बड़ा देश है और यहाँ से भारी मात्रा में दवाइयों का निर्यात होता है।हम सबको पीने का स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। संचारणीय बीमारियां (जैसे - हैजा, पेट के कीड़े, हेपेटाइटिस) पानी के द्वारा एक से दूसरे को लगती हैं। इन बीमारियों में से 21% जलजनित होती हैं।

3. हाकिम शेख की कहानी (The Story of Hakim Sheikh)

NCERT में दी गई यह कहानी भारतीय न्याय व्यवस्था और स्वास्थ्य के अधिकार को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कहानी पश्चिम बंग खेत मजदूर समिति (PBKMS) के सदस्य हाकिम शेख की है।

  • घटना: 1992 में एक शाम हाकिम शेख चलती ट्रेन से गिर गए और उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं।

  • लापरवाही: उन्हें कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन बिस्तर खाली न होने के कारण उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया। दूसरे अस्पताल में जरूरी सुविधाएं या विशेषज्ञ नहीं थे। इस प्रकार अत्यंत गंभीर हालत में उन्हें 14 घंटे के अंदर 8 विभिन्न सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया, किंतु किसी ने भी उन्हें भर्ती नहीं किया।

  • निजी इलाज: अंत में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उनके इलाज पर बहुत पैसा खर्च हुआ।

  • कोर्ट केस: सरकारी अस्पतालों की उपेक्षा से नाराज होकर हाकिम शेख और PBKMS ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया।

न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 21 की व्याख्या की।

  1. जीवन का अधिकार: कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को जीवन का मौलिक अधिकार प्राप्त है और इसमें 'स्वास्थ्य का अधिकार' भी शामिल है।

  2. सरकार का दायित्व: यह सरकार का कर्तव्य है कि वह मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं दे, जिसमें आकस्मिक इलाज (Emergency Treatment) की सुविधा भी सम्मिलित है।

  3. मुआवजा: कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि हाकिम शेख को इलाज में खर्च हुई पूरी राशि का भुगतान किया जाए।


4. सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाएं

भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को मुख्य रूप से दो वर्गों में बांटा जा सकता है:

(A) सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं (Public Health Services)

सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों की एक श्रृंखला है जो सरकार द्वारा चलाई जाती है।

  • कड़ी (Link): ये केंद्र और अस्पताल आपस में जुड़े होते हैं, जिससे ये शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को सुविधाएं प्रदान करते हैं।

  • ग्राम स्तर: गाँव के स्तर पर एक स्वास्थ्य केंद्र होता है जहाँ प्रायः एक नर्स और एक ग्राम स्वास्थ्य सेवक रहता है। इन्हें सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है और वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के डॉक्टरों की देखरेख में कार्य करते हैं।

  • ब्लॉक/खंड स्तर: ग्रामीण क्षेत्र में कई गाँवों की जरूरतों को 'प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र' (PHC) पूरा करता है।

  • जिला स्तर: जिला अस्पताल होता है जो इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों की देखरेख करता है।

  • विशेषता: 'सार्वजनिक' शब्द का प्रयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि सरकार ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का वचन दिया है। इन सेवाओं को चलाने के लिए धन उस पैसे से आता है जो लोग सरकार को 'कर' (Tax) के रूप में देते हैं।

  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क या बहुत कम कीमत पर देना है, ताकि गरीब लोग भी इलाज करा सकें।

  • महत्वपूर्ण कार्य: बीमारियों (टीबी, मलेरिया, पीलिया, दस्त, हैजा, चिकनगुनिया आदि) को फैलने से रोकना इसका प्रमुख कार्य है। यह अभियान लोगों के सहयोग से सफल हो सकता है (जैसे मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पानी इकट्ठा न होने देना)।

(B) निजी स्वास्थ्य सेवाएं (Private Health Services)

हमारे देश में कई तरह की निजी स्वास्थ्य सेवाएं पाई जाती हैं।

  • विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (RMP - Registered Medical Practitioners) मिल जाते हैं। शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में डॉक्टर हैं, जिनमें से बहुत से विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करते हैं।

  • स्वामित्व: निजी स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार का स्वामित्व या नियंत्रण नहीं होता है। सार्वजनिक सेवाओं के विपरीत, यहाँ मरीजों को हर सेवा के लिए बहुत धन व्यय करना पड़ता है।

  • प्रभुत्व: आज निजी सेवाएं चारों ओर दिखाई देती हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां अस्पताल चलाती हैं, कुछ दवाइयों के निर्माण और बिक्री में लगी हैं।


5. स्वास्थ्य सेवा और समानता: क्या सबके लिए पर्याप्त सेवाएं उपलब्ध हैं?

भारत में एक ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है जहाँ निजी सेवाएं तो बढ़ रही हैं, लेकिन सार्वजनिक नहीं।

  • लागत: निजी सेवाएं काफी महंगी होती हैं। दवाइयां महंगी होती हैं। बहुत से लोग उन्हें खरीदने में समर्थ नहीं होते और बीमारी के समय उन्हें ऋण लेना पड़ता है।

  • गरीबी और बीमारी का चक्र: गरीब लोगों के लिए परिवार में हर बीमारी चिंता और मुसीबत का कारण बन जाती है। जो लोग गरीब हैं, वे पहले से ही कुपोषण का शिकार होते हैं। उनके शरीर में रोग से लड़ने की क्षमता कम होती है। बीमारी होने पर खर्चे से उनकी हालत और खराब हो जाती है।

  • अन्य कारण: कभी-कभी केवल पैसा ही इलाज में बाधा नहीं होता। उदाहरण के लिए, महिलाओं के स्वास्थ्य को अक्सर उतनी प्राथमिकता नहीं दी जाती जितनी पुरुषों के स्वास्थ्य को। आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र कम हैं और निजी अस्पताल भी उपलब्ध नहीं हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (Medical Council of India) का कोड

भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद के नैतिक आचार संहिता के अनुसार: "जहाँ तक संभव हो, प्रत्येक चिकित्सक को औषधियों के जेनेरिक नाम (Generic Names) ही उपचार पर्ची में लिखने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह युक्तिसंगत रूप में हो।"

  • जेनेरिक दवाइयां: ये ब्रांडेड दवाइयों के समान ही प्रभावशाली होती हैं लेकिन काफी सस्ती होती हैं।


6. समाधान के मॉडल: केरल और कोस्टा रिका

NCERT में स्वास्थ्य सुधार के दो प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं जो बताते हैं कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से स्वास्थ्य में कैसे सुधार लाया जा सकता है।

(A) केरल का अनुभव (The Kerala Experience)

1996 में केरल सरकार ने राज्य में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन किए।

  • बजट आवंटन: राज्य के पूरे बजट का 40 प्रतिशत पंचायतों को दे दिया गया।

  • नियोजन: इससे पंचायतों ने अपनी आवश्यकताओं को योजनाबद्ध किया। उन्होंने गाँव के लिए पीने का पानी, आहार, औरतों के विकास और शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की।

  • परिणाम: जल वितरण व्यवस्था की जाँच की गई, स्कूलों और आंगनवाड़ियों के काम को सुनिश्चित किया गया और स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार किया गया।

  • निष्कर्ष: इतना सब होने के बाद भी कुछ समस्याएं (जैसे दवाइयों की कमी, बिस्तरों की कमी) बनी रहीं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है।

(B) कोस्टा रिका का तरीका (The Costa Rica Approach)

कोस्टा रिका को मध्य अमेरिका (Central America) का सबसे स्वस्थ देश माना जाता है। इसका मुख्य कारण उनके संविधान में निहित है।

  • सेना न रखने का निर्णय: कई वर्षों पहले कोस्टा रिका ने एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिया कि वे देश में सेना नहीं रखेंगे।

  • धन का सदुपयोग: सेना पर खर्च किए जाने वाले धन को सरकार ने लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत जरूरतों पर खर्च करने का निर्णय लिया।

  • नीति: कोस्टा रिका की सरकार मानती है कि देश के विकास के लिए देश का स्वस्थ होना जरूरी है।

  • सुविधाएं: सरकार सभी निवासियों को स्वास्थ्य की मूलभूत सेवाएं और सुविधाएं देती है। पीने का सुरक्षित पानी, सफाई, पोषण और आवास स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माने गए हैं। स्वास्थ्य की शिक्षा को भी बहुत महत्व दिया जाता है।


7. महत्वपूर्ण शब्दावली (Key Terminology)

परीक्षा के दृष्टिकोण से इन शब्दों का अर्थ समझना आवश्यक है:

  1. सार्वजनिक (Public): वह सेवा या कार्य जो देश के सब लोगों के लिए है और मुख्यतः सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है। इसमें लोग अपनी मांग रख सकते हैं और समस्याओं पर सवाल उठा सकते हैं।

  2. निजी (Private): वह सेवा या कार्य जो किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा अपने मुनाफे के लिए आयोजित किया जाता है।

  3. चिकित्सा पर्यटक (Medical Tourists): ये वे विदेशी पर्यटक हैं जो इस देश के उन अस्पतालों में अपना इलाज कराने के लिए विशेष रूप से यहाँ आते हैं, जहाँ उन्हें अपने देश की तुलना में बहुत कम मूल्य पर विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं।

  4. संचारणीय बीमारियां (Communicable Diseases): वे बीमारियां जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पानी, भोजन, हवा इत्यादि के माध्यम से लगती हैं। उदाहरण: टीबी, हैजा।

  5. ओपीडी (OPD): इसका पूरा नाम 'Out Patient Department' (बाह्य रोगी विभाग) है। अस्पताल में किसी भी विशेष वार्ड में भर्ती होने से पहले रोगी ओपीडी में ही डॉक्टर को दिखाते हैं।

  6. नैतिक आचार (Ethics): किसी व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करने वाले नैतिक सिद्धांत।

  7. जेनेरिक नाम (Generic Names): दवाइयों के रासायनिक नाम। वे दवाइयां जिनमें प्रयुक्त सामग्री की पहचान ब्रांड नाम से न होकर उनके साल्ट/केमिकल कंपोजिशन से होती है।


8. संवैधानिक प्रावधान (Constitutional Provisions related to Health)

यद्यपि NCERT की कक्षा 7 की पुस्तक में केवल अनुच्छेद 21 पर जोर दिया गया है, लेकिन CTET में इससे जुड़े अन्य अनुच्छेद भी पूछे जा सकते हैं:

  • अनुच्छेद 21: प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (इसमें स्वास्थ्य और चिकित्सा सहायता का अधिकार अंतर्निहित है)।

  • अनुच्छेद 47 (नीति निर्देशक तत्व): पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करना तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करना राज्य का कर्तव्य है। मादक पेयों और हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाना भी इसमें शामिल है।


परीक्षा के लिए त्वरित सारांश (Quick Revision Points)

  • स्वास्थ्य केवल बीमारी का न होना नहीं है, बल्कि यह भौतिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण है।

  • संविधान के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है।

  • हाकिम शेख का मामला पश्चिम बंग खेत मजदूर समिति बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (1996) से संबंधित है।

  • भारत में विश्व के सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज हैं, फिर भी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं।

  • केरल ने 1996 में 40% बजट विकेंद्रीकृत करके पंचायतों को दिया।

  • कोस्टा रिका ने सेना भंग करके वह पैसा स्वास्थ्य और शिक्षा पर लगाया।

  • साफ़ पानी की कमी से होने वाली बीमारियां (हैजा, टाइफाइड) रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है।



स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका

Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes

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