राज्य शासन भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत की संघीय व्यवस्था में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है: स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर।
1. विधायक (MLA) कौन होता है?
राज्य विधानसभा के लिए चुने गए प्रतिनिधियों को विधायक या MLA (Member of Legislative Assembly) कहा जाता है।
चुनाव प्रक्रिया: विधायक का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाता है।
जनप्रतिनिधि: चुनाव जीतने के बाद, वे विधानसभा के सदस्य बनते हैं और सरकार का गठन करते हैं। इस प्रकार विधायक जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सदस्यता: प्रत्येक विधायक विधानसभा का सदस्य होता है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
भारत के हर राज्य में एक विधानसभा है।
हर राज्य कई निर्वाचन क्षेत्रों (Constituencies) में बंटा होता है।
2. निर्वाचन क्षेत्र (Constituency)
निर्वाचन क्षेत्र वह भौगोलिक क्षेत्र है जहाँ से मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।
विभाजन: उदाहरण के लिए, हिमाचल प्रदेश को 68 निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा गया है।
चुनाव: हर निर्वाचन क्षेत्र से जनता एक प्रतिनिधि चुनती है जो विधानसभा का सदस्य यानी विधायक बनता है।
दलीय स्थिति: चुनाव में अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवार खड़े होते हैं, इसलिए विधायक अलग-अलग राजनीतिक दलों के होते हैं।
3. बहुमत और सरकार का गठन
सरकार बनाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को आधे से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करनी होती है।
बहुमत (Majority): जिस राजनीतिक दल के विधायक आधे से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में जीतते हैं, उस दल को बहुमत में माना जाता है।
सत्ताधारी दल (Ruling Party): बहुमत प्राप्त करने वाला दल सत्ताधारी दल कहलाता है। वे सरकार बनाते हैं।
विरोधी पक्ष (Opposition): वे सभी अन्य विधायक जो सत्ताधारी दल के नहीं हैं, विरोधी पक्ष कहलाते हैं।
मुख्य विपक्षी दल: जो दल सत्ताधारी दल के बाद सबसे अधिक सीटें जीतता है, वह मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभाता है।
उदाहरण (NCERT आधारित):
मान लीजिए हिमाचल प्रदेश में कुल 68 सीटें हैं। बहुमत के लिए किसी भी दल को कम से कम 34 से अधिक (अर्थात 35) सीटों की आवश्यकता होगी।
यदि 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' को 40 सीटें मिलती हैं, तो वह सत्ताधारी दल है।
यदि 'भारतीय जनता पार्टी' को 25 सीटें मिलती हैं, तो वह मुख्य विपक्षी दल है।
4. मुख्यमंत्री और मंत्रियों की नियुक्ति
चुनाव के बाद सरकार बनाने की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है:
नेता का चुनाव: चुनाव परिणाम आने के बाद, सत्ताधारी दल के विधायक अपने नेता का चुनाव करते हैं। यही नेता मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनता है।
मुख्यमंत्री की भूमिका: मुख्यमंत्री का प्रमुख कार्य अन्य मंत्रियों का चयन करना है।
नियुक्ति: राज्य का राज्यपाल (Governor) मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
शपथ: राज्यपाल ही मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है।
दोहरी भूमिका:
जो विधायक मंत्री बन जाते हैं, उनके पास दोहरी जिम्मेदारी होती है:
एक विधायक के रूप में (अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाना)।
एक मंत्री के रूप में (अपने विभाग जैसे शिक्षा या स्वास्थ्य को संभालना)।
5. राज्यपाल (Governor)
राज्य का प्रमुख राज्यपाल कहलाता है।
नियुक्ति: इनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है।
कार्यकाल: यह सुनिश्चित करना राज्यपाल का काम है कि राज्य सरकार संविधान के नियमों और अधिनियमों के अनुसार चले।
शक्ति: यह राज्य का संवैधानिक मुखिया होता है, जबकि मुख्यमंत्री वास्तविक मुखिया होता है।
6. गठबंधन सरकार (Coalition Government)
कई बार किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में:
विभिन्न राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं।
वे एक साझा एजेंडे पर काम करते हैं।
इसे गठबंधन सरकार कहते हैं।
7. विधानसभा (Legislative Assembly)
विधानसभा वह स्थान है जहाँ सभी विधायक (सत्ताधारी और विपक्षी) विभिन्न विषयों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होते हैं।
विधानसभा में बहस (Debate)
विधानसभा की बहसों में विधायक अपनी राय रखते हैं, संबंधित विषय पर प्रश्न पूछते हैं या सुझाव देते हैं कि सरकार को क्या करना चाहिए।
प्रश्न काल: विधायक मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज के बारे में प्रश्न पूछते हैं।
जवाबदेही: संबंधित विभाग के मंत्री को प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं और सदन को आश्वस्त करना होता है कि उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
निर्णय: सरकार जो भी निर्णय लेती है, उसे विधानसभा के सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में, विधायक प्रश्न पूछ सकते हैं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस कर सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि पैसा कहाँ खर्च किया जाना चाहिए।
विधानसभा बहस का एक उदाहरण (Patalpuram Context):
विधायक 1 (विपक्ष): अखंडगाँव में हैजे (Cholera) के कारण 15 लोगों की मृत्यु हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री स्थिति को नियंत्रित करने में विफल क्यों हैं?
विधायक 2 (विपक्ष): सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी क्यों है?
विधायक 3 (सत्ताधारी): हमारे निर्वाचन क्षेत्र में पानी के टैंकर भेजे गए हैं और ORS के पैकेट बांटे जा रहे हैं। सरकार पूरी कोशिश कर रही है।
विधायक 4 (विपक्ष): अस्पतालों की हालत बहुत खराब है।
विधायक 5 (सत्ताधारी): विरोधी पक्ष केवल आलोचना कर रहा है, हमने पिछले सरकार की गंदगियों को साफ करने का अभियान शुरू किया है।
इस बहस से यह स्पष्ट होता है कि सरकार का काम केवल शासन चलाना नहीं, बल्कि विपक्ष के सवालों का जवाब देना और जनता के प्रति जवाबदेह होना है।
8. शासन की कार्यप्रणाली (Working of the Government)
केवल विधानसभा में ही सरकार के काम के बारे में चर्चा नहीं होती। लोकतंत्र में अनेक माध्यमों द्वारा लोग अपने विचार व्यक्त करते हैं और कार्रवाई करते हैं।
कार्यपालिका (Executive) और विधायिका (Legislature) में अंतर
कार्यपालिका: मुख्यमंत्री और मंत्री जो सरकार चलाते हैं और निर्णयों को लागू करते हैं, उन्हें कार्यपालिका कहा जाता है।
विधायिका: सभी विधायक जो विधानसभा में एकत्र होते हैं, विधायिका कहलाते हैं। विधायिका का काम कानून बनाना और कार्यपालिका के काम पर नज़र रखना है।
सरकारी विभागों की भूमिका
सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से काम करती है:
लोक निर्माण विभाग (PWD) - सड़कें और भवन निर्माण।
कृषि विभाग - खेती और किसानों की मदद।
स्वास्थ्य विभाग - अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं।
शिक्षा विभाग - स्कूल और कॉलेज।
प्रेस वार्ता (Press Conference)
विधानसभा में चर्चा होने के बाद, सरकार अक्सर प्रेस वार्ता आयोजित करती है।
उद्देश्य: मंत्री मीडिया कर्मियों को सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हैं।
प्रश्न-उत्तर: अखबारों और समाचार चैनलों के प्रतिनिधि मंत्री से सवाल पूछते हैं।
प्रसार: इन चर्चाओं और उत्तरों की रिपोर्ट विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होती है ताकि जनता जान सके कि सरकार क्या कर रही है।
9. समस्या निवारण प्रक्रिया: एक उदाहरण
जब किसी राज्य में कोई बड़ी समस्या (जैसे महामारी या सूखा) आती है, तो सरकार कैसे काम करती है?
विधानसभा में चर्चा: विधायक समस्या उठाते हैं।
मंत्री का जवाब: संबंधित मंत्री सदन में स्थिति स्पष्ट करता है।
प्रेस वार्ता: स्वास्थ्य मंत्री प्रेस को बताते हैं कि सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं (जैसे हर गांव में टैंकर भेजना)।
मुख्यमंत्री का दौरा: मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं और पीड़ितों से मिलते हैं।
मुआवजा: सरकार प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा करती है।
उच्च स्तरीय समिति: जांच के लिए एक समिति गठित की जाती है या सफाई/पानी की सुविधाओं के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए जाते हैं।
यह दर्शाता है कि 'सरकार' का अर्थ केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम करना भी है।
10. द्विसदनीय व्यवस्था (Bicameralism)
हालांकि NCERT कक्षा 7 में मुख्य रूप से विधानसभा पर ध्यान केंद्रित किया गया है, लेकिन CTET के लिए यह जानना आवश्यक है कि कुछ राज्यों में दो सदन होते हैं:
विधानसभा (Legislative Assembly): जिसे निचला सदन भी कहते हैं।
विधान परिषद (Legislative Council): जिसे ऊपरी सदन कहते हैं।
भारत के केवल 6 राज्यों में विधान परिषद है: आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश।
11. केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories)
कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं जो इतने छोटे होते हैं कि वे एक स्वतंत्र राज्य नहीं बन सकते। इन्हें केंद्र शासित प्रदेश कहा जाता है।
इन क्षेत्रों का शासन सीधे केंद्र सरकार द्वारा चलाया जाता है।
अपवाद: दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनकी अपनी विधानसभाएं हैं।
12. संघवाद (Federalism) और राज्य सूची
संविधान ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्तियों का बंटवारा किया है। राज्य सरकार मुख्य रूप से राज्य सूची (State List) के विषयों पर कानून बनाती है।
राज्य सूची के प्रमुख विषय:
पुलिस
व्यापार और वाणिज्य
कृषि
सिंचाई
सार्वजनिक स्वास्थ्य
13. महत्वपूर्ण शब्दावली (Key Terms for Revision)
| शब्द | अर्थ |
| निर्वाचन क्षेत्र | एक निश्चित क्षेत्र जहाँ के रहने वाले सब मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। |
| बहुमत | किसी समूह के आधे से अधिक सदस्यों की संख्या। निर्णय लेने के लिए बहुमत आवश्यक है। |
| विपक्षी दल | वह चुने हुए प्रतिनिधि जो सत्ता पक्ष के सदस्य नहीं हैं। उनकी भूमिका सरकारी फैसलों पर सवाल उठाना है। |
| प्रेस वार्ता | मीडिया के लोगों का एक समूह जिससे किसी विषय पर प्रश्न पूछने और जनसाधारण तक जानकारी पहुँचाने के लिए आमंत्रित किया जाता है। |
| सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार | 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार। |
14. राज्य शासन से संबंधित संवैधानिक तथ्य
अनुच्छेद 163: राज्यपाल को सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा।
अनुच्छेद 164: मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा।
अनुच्छेद 170: विधानसभाओं की संरचना (अधिकतम 500 और न्यूनतम 60 सदस्य, कुछ अपवादों के साथ)।
सारांश (Quick Recap)
विधायक जनता द्वारा चुने जाते हैं।
बहुमत दल सरकार बनाता है और अपना नेता (मुख्यमंत्री) चुनता है।
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है जो मुख्यमंत्री को नियुक्त करता है।
विधानसभा में कानून बनाए जाते हैं और सरकार की जवाबदेही तय की जाती है।
मीडिया और प्रेस वार्ता जनता और सरकार के बीच कड़ी का काम करते हैं।
राज्य शासन कैसे काम करता है
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