1. परिचय और वनस्पति को प्रभावित करने वाले कारक
प्राकृतिक वनस्पति का अर्थ है वे पौधे जो मनुष्यों की सहायता के बिना अपने आप उगते हैं। इसे 'अक्षत वनस्पति' भी कहा जाता है। वनस्पति की वृद्धि और प्रकार मुख्य रूप से दो कारकों पर निर्भर करते हैं: तापमान और नमी।
मुख्य कारक:
तापमान और आर्द्रता: जहाँ तापमान और बारिश अधिक होती है, वहाँ वनस्पति सघन होती है।
ढलान और मिट्टी की परत: पर्वत की ढलानों और मिट्टी की मोटाई भी वनस्पति को प्रभावित करती है।
वनस्पति का वर्गीकरण:
विकास और वर्षा की मात्रा के आधार पर प्राकृतिक वनस्पति को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
वन (Forests): जहाँ वर्षा और तापमान वृक्षों की वृद्धि के लिए उपयुक्त हों।
घासस्थल (Grasslands): जहाँ मध्यम वर्षा होती है।
झाड़ियाँ (Shrubs): शुष्क और रेगिस्तानी क्षेत्रों में।
2. वनों के प्रकार (Types of Forests)
वनों को अक्षांश और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर छह मुख्य भागों में विभाजित किया गया है।
क. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Tropical Evergreen Forests)
क्षेत्र: ये वन भूमध्य रेखा और उष्णकटिबंध के पास पाए जाते हैं। इन्हें 'उष्णकटिबंधीय वर्षावन' भी कहा जाता है।
जलवायु: यह क्षेत्र साल भर गर्म रहता है और यहाँ अत्यधिक वर्षा होती है। यहाँ कोई विशेष शुष्क मौसम नहीं होता।
विशेषताएँ:
चूंकि यहाँ पतझड़ का कोई निश्चित समय नहीं होता, इसलिए ये वन हमेशा हरे-भरे दिखाई देते हैं।
पेड़ बहुत पास-पास होते हैं और उनकी पत्तियां बहुत घनी होती हैं, जिससे दिन के समय भी सूर्य का प्रकाश जमीन तक नहीं पहुंच पाता।
ब्राजील के उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन इतने विशाल हैं कि इन्हें 'पृथ्वी के फेफड़े' कहा जाता है।
वृक्ष: यहाँ दृढ़ काष्ठ (Hardwood) वाले वृक्ष पाए जाते हैं।
उदाहरण: आबनूस (Ebony), महोगनी (Mahogany), रोज़वुड (Rosewood)।
वन्यजीव:
एनाकोंडा (विश्व का सबसे बड़ा सांप) यहाँ पाया जाता है।
बंदर, स्लोथ, चींटी खाने वाले जानवर (Tapir)।
ख. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (Tropical Deciduous Forests)
क्षेत्र: ये भारत, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया और मध्य अमेरिका के बड़े हिस्सों में पाए जाते हैं। इन्हें 'मानसूनी वन' भी कहा जाता है।
जलवायु: यहाँ मौसमी परिवर्तन होते रहते हैं।
विशेषताएँ:
जल को संरक्षित करने के लिए शुष्क मौसम में यहाँ के वृक्ष अपनी पत्तियां गिरा देते हैं।
ये वन सदाबहार वनों की तुलना में कम घने होते हैं।
वृक्ष:
उदाहरण: साल, सागौन (Teak), नीम, शीशम।
उपयोग: इन वृक्षों की लकड़ी फर्नीचर, यातायात और निर्माण सामग्री बनाने के लिए बहुत उपयोगी होती है।
वन्यजीव: बाघ, शेर, हाथी, गोल्डन लंगूर और बंदर।
ग. शीतोष्ण सदाबहार वन (Temperate Evergreen Forests)
क्षेत्र: ये मध्य अक्षांश के तटीय क्षेत्रों में स्थित हैं। ये सामान्यतः महाद्वीपों के पूर्वी किनारों पर पाए जाते हैं।
उदाहरण: दक्षिण-पूर्व अमेरिका, दक्षिण चीन, दक्षिण-पूर्व ब्राजील।
विशेषताएँ: यहाँ दृढ़ और मुलायम दोनों प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं।
वृक्ष: बांज (Oak), चीड़ (Pine), यूकेलिप्टस।
घ. शीतोष्ण पर्णपाती वन (Temperate Deciduous Forests)
क्षेत्र: उच्च अक्षांश की ओर बढ़ने पर ये वन मिलते हैं। ये उत्तर-पूर्वी अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, चिली और पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
जलवायु: यहाँ तापमान मध्यम रहता है।
विशेषताएँ: ये अपनी पत्तियां शुष्क मौसम में गिरा देते हैं।
वृक्ष: बांज (Oak), ऐश (Ash), बीच (Beech)।
वन्यजीव: हिरण, लोमड़ी, भेड़िये।
पक्षी: फिजेंट और मोनल जैसे पक्षी।
ङ. भूमध्यसागरीय वनस्पति (Mediterranean Vegetation)
क्षेत्र: यह वनस्पति महाद्वीपों के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी किनारों पर पाई जाती है। इसका नाम भूमध्य सागर के आसपास के क्षेत्रों (यूरोप, अफ्रीका, एशिया) के कारण पड़ा है।
अन्य क्षेत्र: संयुक्त राज्य अमेरिका (कैलिफोर्निया), दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका, दक्षिण-पश्चिमी दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया।
जलवायु: यहाँ ग्रीष्म ऋतु गर्म और शुष्क होती है, जबकि शीत ऋतु में हल्की वर्षा होती है।
विशेषताएँ:
इन वनों को 'विश्व का फलोद्यान' कहा जाता है क्योंकि यहाँ फलों की खेती बहुत अधिक होती है।
यहाँ के वृक्षों की छाल मोटी होती है और पत्तियां मोम जैसी होती हैं जो वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) को कम करने में मदद करती हैं।
वृक्ष/फसलें: संतरा, अंजीर, जैतून (Olive) और अंगूर जैसे खट्टे (Citrus) फल।
वन्यजीव: यहाँ प्राकृतिक वन्यजीवन कम देखने को मिलता है।
च. शंकुधारी वन (Coniferous Forests)
क्षेत्र: ये उत्तरी गोलार्ध के उच्च अक्षांशों ($50^\circ$ से $70^\circ$) में पाए जाते हैं। इन्हें 'टैगा' (Taiga) भी कहा जाता है। टैगा एक रूसी शब्द है जिसका अर्थ है 'शुद्ध' या 'अनछुआ'।
विशेषताएँ:
ये वन अधिक ऊंचाइयों पर भी पाए जाते हैं (जैसे हिमालय में)।
वृक्ष लंबे, नरम काष्ठ वाले और सदाबहार होते हैं।
इन वृक्षों के कास्ट का उपयोग लुगदी (Pulp) बनाने में होता है, जो कागज और अखबारी कागज बनाने के काम आती है।
वृक्ष: चीड़ (Pine), देवदार (Cedar)।
वन्यजीव: रजत लोमड़ी (Silver Fox), मिंक, ध्रुवीय भालू।
3. घासस्थल (Grasslands)
वर्षा की मात्रा के आधार पर घासस्थलों को दो भागों में बांटा गया है।
क. उष्णकटिबंधीय घासस्थल (Tropical Grasslands)
क्षेत्र: ये भूमध्य रेखा के दोनों ओर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक फैले हैं (जैसे पूर्वी अफ्रीका)।
जलवायु: यहाँ निम्न से मध्यम वर्षा होती है।
विशेषताएँ:
घास बहुत लंबी हो सकती है (लगभग $3$ से $4$ मीटर तक)।
अफ्रीका का सवाना (Savanna) घासस्थल इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।
वन्यजीव: हाथी, जेब्रा, जिराफ, हिरण, तेंदुआ।
ख. शीतोष्ण घासस्थल (Temperate Grasslands)
क्षेत्र: ये मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों और महाद्वीपों के भीतरी भागों में पाए जाते हैं।
विशेषताएँ:
यहाँ की घास आमतौर पर छोटी और बहुत पौष्टिक होती है।
ये क्षेत्र कृषि, विशेषकर गेहूं की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं।
वन्यजीव: जंगली भैंस, बाइसन, एंटीलोप।
4. कटीली झाड़ियाँ (Thorny Bushes)
क्षेत्र: ये शुष्क रेगिस्तानी इलाकों में पाई जाती हैं।
उष्णकटिबंधीय रेगिस्तान: ये महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर पाए जाते हैं।
विशेषताएँ:
गर्मी बहुत अधिक होती है और वर्षा बहुत कम होती है।
पौधों की जड़ें गहरी होती हैं।
पत्तियों की सतह मोम जैसी चिकनी और कांटेदार होती है ताकि वाष्पोत्सर्जन से पानी का नुकसान कम हो सके।
5. टुंड्रा वनस्पति (Tundra Vegetation)
क्षेत्र: यह ध्रुवीय क्षेत्रों (उत्तरी ध्रुव के पास) में पाई जाती है। यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग।
जलवायु: यहाँ जलवायु अत्यधिक ठंडी होती है।
विशेषताएँ:
यहाँ केवल बहुत छोटी वनस्पतियां ही उग पाती हैं।
यह केवल बहुत कम समय वाली ग्रीष्म ऋतु के दौरान विकसित होती हैं।
वनस्पति: काई (Moss), लाइकेन (Lichen) और छोटी झाड़ियाँ।
वन्यजीव: जानवरों के शरीर पर मोटा फर और मोटी चमड़ी होती है जो उन्हें ठंड से बचाती है।
उदाहरण: सील, वालरस, कस्तूरी बैल (Musk Oxen), ध्रुवीय उल्लू, ध्रुवीय भालू और बर्फीली लोमड़ी।
6. विश्व के प्रमुख घासस्थलों के नाम (महत्वपूर्ण सूची)
CTET परीक्षा में अक्सर घास के मैदान और उनके स्थान का मिलान पूछा जाता है। इसे कंठस्थ करें।
उष्णकटिबंधीय घासस्थल (Tropical Grasslands):
सवाना (Savanna): पूर्वी अफ्रीका
काम्पोस (Campos): ब्राजील
लानोस (Llanos): वेनेजुएला
शीतोष्ण घासस्थल (Temperate Grasslands):
पंपास (Pampas): अर्जेंटीना
प्रेयरी (Prairie): उत्तरी अमेरिका
वेल्ड (Veld): दक्षिण अफ्रीका
स्टेपी (Steppe): मध्य एशिया
डाउन्स (Downs): ऑस्ट्रेलिया
7. भारत के संदर्भ में प्राकृतिक वनस्पति (NCERT विशेष)
भारत में भी लगभग उपरोक्त सभी प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती हैं।
मैंग्रोव वन (Mangrove Forests):
ये वन खारे पानी (Tidal areas) में जीवित रह सकते हैं।
सुंदरवन: पश्चिम बंगाल में गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में स्थित है। यह विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है।
यहाँ 'सुंदरी' नामक वृक्ष पाया जाता है, जो अपनी मजबूत लकड़ी के लिए प्रसिद्ध है।
यहाँ का प्रमुख जानवर 'रॉयल बंगाल टाइगर' है।
पर्वतीय वन (Montane Forests):
ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में कमी आती है।
$1500$ मीटर से $2500$ मीटर की ऊंचाई पर वृक्षों का आकार शंकु जैसा हो जाता है (शंकुधारी वन)।
महत्वपूर्ण वृक्ष: चीड़, पाइन, देवदार।
8. परीक्षा उपयोगी मुख्य तथ्य (Key Points for Revision)
वन महोत्सव: भारत में हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है।
चिपको आंदोलन: वनों की कटाई रोकने के लिए सुंदरलाल बहुगुणा द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण आंदोलन था।
CITES (The Convention on International Trade in Endangered Species): यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जो यह सुनिश्चित करता है कि वन्य प्राणियों और पौधों के व्यापार से उनके अस्तित्व को खतरा न हो।
गिद्धों का विलुप्त होना: भारत में गिद्धों की संख्या में कमी का मुख्य कारण पशुओं को दी जाने वाली दर्द निवारक दवा 'डाइक्लोफेनाक' (Diclofenac) है।
प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन
Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes