1. विज्ञान की प्रकृति और दायरा
विज्ञान एक गतिशील और विस्तारित होने वाला ज्ञान का निकाय है। यह संदेह, तर्क और प्रमाण पर आधारित है।
ज्ञान की संरचना: विज्ञान अनुभवजन्य अवलोकनों पर आधारित ज्ञान है। यह सत्य की खोज की एक निरंतर प्रक्रिया है।
प्रक्रिया और उत्पाद: विज्ञान केवल 'उत्पाद' (नियम, सिद्धांत) नहीं है, बल्कि एक 'प्रक्रिया' (अवलोकन, प्रयोग, विश्लेषण) भी है।
सामाजिक उद्यम: विज्ञान एक सामाजिक गतिविधि है। वैज्ञानिक समुदाय एक-दूसरे के कार्यों की समीक्षा करते हैं और ज्ञान को मान्य करते हैं।
परिवर्तनशीलता: वैज्ञानिक ज्ञान अस्थायी है। नए प्रमाण मिलने पर पुराने सिद्धांतों में संशोधन किया जा सकता है।
विज्ञान शिक्षण के उद्देश्य (NCF 2005 के अनुसार)
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (तार्किकता, खुलापन, जिज्ञासा) का विकास करना।
दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए वैज्ञानिक ज्ञान का अनुप्रयोग करना।
मूल्यों (ईमानदारी, सहयोग, पर्यावरण संरक्षण) का विकास करना।
प्रक्रिया कौशल (Process Skills) जैसे अवलोकन, वर्गीकरण और मापन को विकसित करना।
2. वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Method)
वैज्ञानिक पद्धति ज्ञान प्राप्त करने का एक व्यवस्थित तरीका है। यह अंधविश्वास को नकारता है और प्रमाण पर जोर देता है। इसके मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:
चरण 1: अवलोकन और समस्या की पहचान
यह पहला कदम है। इसमें छात्र अपने परिवेश को ध्यान से देखते हैं और प्रश्न पूछते हैं।
उदाहरण: "पौधे धूप में क्यों बढ़ते हैं?"
इसमें पाँचों इंद्रियों का प्रयोग होता है।
चरण 2: परिकल्पना निर्माण (Hypothesis)
परिकल्पना एक 'अस्थायी अनुमान' है जिसे परीक्षण द्वारा सिद्ध या असिद्ध किया जा सकता है।
यह "यदि... तो..." (If... then...) प्रारूप में होती है।
उदाहरण: "यदि पौधे को धूप नहीं मिलेगी, तो वह पीला पड़ जाएगा।"
चरण 3: प्रयोग और डेटा संग्रह
परिकल्पना की जाँच के लिए नियंत्रित प्रयोग किए जाते हैं।
चर (Variables): प्रयोग में स्वतंत्र चर, आश्रित चर और नियंत्रित चर का ध्यान रखा जाता है।
आंकड़ों (Data) को निष्पक्ष रूप से नोट किया जाता है।
चरण 4: विश्लेषण और निष्कर्ष
प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है।
गणितीय सूत्रों का प्रयोग करके परिणाम निकाले जाते हैं।
उदाहरण: यदि $t$ समय है और $d$ दूरी है, तो गति $v$ का विश्लेषण:
$$v = \frac{d}{t}$$
चरण 5: संचार और सामान्यीकरण
परिणामों को साझा किया जाता है। यदि प्रयोग बार-बार समान परिणाम देता है, तो इसे एक नियम या सिद्धांत मान लिया जाता है।
3. पूछताछ और अनुभवजन्य साक्ष्य (Inquiry & Empirical Evidence)
CTET में 'पूछताछ उपागम' (Inquiry Approach) सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है।
पूछताछ उपागम (Inquiry Approach)
यह रटने की बजाय 'खोजने' पर केंद्रित है। इसमें शिक्षक एक सुगमकर्ता (Facilitator) होता है और छात्र सक्रिय खोजकर्ता।
निर्देशित पूछताछ (Guided Inquiry): शिक्षक समस्या और सामग्री प्रदान करता है, छात्र समाधान खोजते हैं।
खुली पूछताछ (Open Inquiry): छात्र स्वयं समस्या चुनते हैं और विधि निर्धारित करते हैं।
महत्व: यह छात्रों में 'सीखना कैसे है' (Learning to learn) का कौशल विकसित करता है।
अनुभवजन्य साक्ष्य (Empirical Evidence)
विज्ञान में कोई भी बात बिना सबूत के स्वीकार नहीं की जाती। 'अनुभवजन्य' का अर्थ है जो इंद्रियों या प्रयोगों द्वारा सत्यापित किया गया हो।
प्रत्यक्ष प्रमाण: जिसे सीधे देखा या मापा जा सके (जैसे - थर्मामीटर का पाठ्यांक)।
तार्किक निष्कर्ष: प्रमाणों के आधार पर निकाला गया अर्थ।
वैज्ञानिक ज्ञान केवल तर्क पर नहीं, बल्कि अवलोकन योग्य तथ्यों पर आधारित होना चाहिए।
4. विज्ञान शिक्षण की प्रमुख विधियाँ
कक्षा में विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक को विभिन्न विधियों का प्रयोग करना चाहिए।
A. खोज विधि (Heuristic Method)
प्रतिपादक: एच. ई. आर्मस्ट्रांग।
सिद्धांत: "मैं खोजता हूँ" (I find out)।
इसमें छात्र को एक शोधकर्ता की स्थिति में रखा जाता है। छात्र स्वयं तथ्यों को ढूंढते हैं।
यह विधि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
B. प्रोजेक्ट विधि (Project Method)
प्रतिपादक: किलपैट्रिक।
सिद्धांत: "करके सीखना" (Learning by Doing) और "जीवन से सीखना"।
यह एक उद्देश्यपूर्ण गतिविधि है जो सामाजिक वातावरण में पूर्ण की जाती है।
उदाहरण: जल प्रदूषण का अध्ययन करना या वर्षा जल संचयन का मॉडल बनाना।
C. आगमन और निगमन विधि (Inductive & Deductive)
ये दोनों विधियाँ एक-दूसरे की पूरक हैं।
आगमन विधि (Inductive):
उदाहरण से नियम की ओर: $\text{Example} \rightarrow \text{Rule}$
विशिष्ट से सामान्य की ओर: $\text{Specific} \rightarrow \text{General}$
स्थूल से सूक्ष्म की ओर: $\text{Concrete} \rightarrow \text{Abstract}$
यह विधि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए बेहतर है क्योंकि यह मनोवैज्ञानिक है।
निगमन विधि (Deductive):
नियम से उदाहरण की ओर: $\text{Rule} \rightarrow \text{Example}$
सामान्य से विशिष्ट की ओर: $\text{General} \rightarrow \text{Specific}$
यह समय बचाती है और उच्च कक्षाओं के लिए उपयोगी है जहाँ अमूर्त चिंतन विकसित हो चुका होता है।
उदाहरण: सीधे सूत्र बताना कि बल का सूत्र है:
$$F = m \times a$$और फिर सवाल हल करवाना।
5. विज्ञान में रचनावाद और 5E मॉडल
NCF 2005 रचनावाद (Constructivism) पर जोर देता है, जिसका अर्थ है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करते हैं।
5E मॉडल (शिक्षण का चक्र)
यह मॉडल विज्ञान शिक्षण के लिए अत्यंत प्रभावी है:
संलग्न करना (Engage): पूर्व ज्ञान को नए ज्ञान से जोड़ना। जिज्ञासा जगाना।
अन्वेषण करना (Explore): छात्र गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विषय की जांच करते हैं।
व्याख्या करना (Explain): छात्र अपने अनुभवों को शब्दों में बताते हैं और शिक्षक वैज्ञानिक शब्दावली जोड़ते हैं।
विस्तार करना (Elaborate): सीखे गए ज्ञान को नई स्थितियों में लागू करना।
मूल्यांकन करना (Evaluate): छात्रों की समझ का आकलन करना।
6. विज्ञान प्रक्रिया कौशल (Science Process Skills)
विज्ञान शिक्षण का उद्देश्य छात्रों में निम्नलिखित कौशल विकसित करना है:
अवलोकन (Observation): बारीकी से देखना और नोट करना।
वर्गीकरण (Classification): वस्तुओं को उनके गुणों (समानता/असमानता) के आधार पर समूहों में बांटना।
मापन (Measurement): मानक इकाइयों का प्रयोग करना।
संप्रेषण (Communication): अपने निष्कर्षों को ग्राफ, चार्ट या रिपोर्ट के माध्यम से दूसरों को बताना।
निष्कर्ष निकालना (Inferring): अवलोकनों के आधार पर व्याख्या करना।
भविष्यवाणी करना (Predicting): पैटर्न के आधार पर भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाना।
7. सहायक शिक्षण सामग्री (TLM) और संसाधन
विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तक से नहीं पढ़ाया जा सकता।
वास्तविक वस्तुएं (Realia): जैसे - फूल, पत्तियां, चट्टानें।
मॉडल: जब वास्तविक वस्तु बहुत बड़ी (सौर मंडल) या बहुत छोटी (परमाणु) हो।
इम्प्रोवाइज्ड उपकरण: कबाड़ से जुगाड़। कम लागत वाली सामग्री से बनाए गए उपकरण।
विज्ञान किट: प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए NCERT द्वारा डिजाइन की गई किट।
ICT का उपयोग: सिमुलेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव सॉफ्टवेयर।
8. विज्ञान में मूल्यांकन (Assessment)
मूल्यांकन का उद्देश्य केवल ग्रेड देना नहीं, बल्कि सीखने में सुधार करना है।
सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE)
रचनात्मक मूल्यांकन (Formative Assessment): यह शिक्षण के दौरान होता है। इसमें क्विज, चर्चा, अवलोकन, और प्रोजेक्ट शामिल हैं। यह 'सीखने के लिए आकलन' (Assessment for Learning) है।
योगात्मक मूल्यांकन (Summative Assessment): यह सत्र के अंत में होता है। यह 'सीखने का आकलन' (Assessment of Learning) है।
मूल्यांकन के उपकरण
पोर्टफोलियो: समय के साथ छात्र के काम का संग्रह। यह प्रगति का सबसे अच्छा प्रमाण है।
रूब्रिक्स (Rubrics): मूल्यांकन के लिए विशिष्ट मानदंड।
उपाख्यानात्मक रिकॉर्ड (Anecdotal Records): छात्र के व्यवहार या कौशल की विशिष्ट घटनाओं का लिखित विवरण।
जांच सूची (Checklist): किसी कौशल की उपस्थिति या अनुपस्थिति को नोट करना।
9. उच्च प्राथमिक स्तर पर विज्ञान (कक्षा 6-8)
NCERT के अनुसार, इस स्तर पर विज्ञान शिक्षण का स्वरूप कैसा होना चाहिए:
विषय वस्तु को थीम आधारित होना चाहिए (जैसे - भोजन, सामग्री, जीव जगत)।
वैज्ञानिक अवधारणाओं को दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़ा जाना चाहिए।
प्रयोगशाला कार्य और गतिविधियों पर जोर होना चाहिए, न कि केवल परिभाषाओं पर।
सूत्रों और समीकरणों का केवल औपचारिक परिचय दिया जाना चाहिए, रटंत प्रणाली नहीं।
उदाहरण: रासायनिक अभिक्रिया को संतुलित करना रटाने के बजाय, संरक्षण के नियम से समझाना चाहिए:
$$\text{2H}_2 + \text{O}_2 \rightarrow \text{2H}_2\text{O}$$
पर्यावरणीय चिंताओं (प्रदूषण, संसाधन संरक्षण) को पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाना चाहिए।
10. महत्वपूर्ण परिभाषाएँ और तथ्य (Quick Revision)
ब्लूम का वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy): इसमें तीन पक्ष हैं - संज्ञानात्मक (दिमाग), भावात्मक (हृदय/मूल्य), और मनोगत्यात्मक (हाथ/कौशल)।
विज्ञान संग्रहालय: यह अनौपचारिक शिक्षा का स्रोत है जो जिज्ञासा बढ़ाता है।
मुक्त-अंत वाले प्रश्न (Open-ended Questions): ऐसे प्रश्न जिनके एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं। ये सृजनात्मकता को बढ़ावा देते हैं। (उदाहरण: "यदि घर्षण समाप्त हो जाए तो क्या होगा?")
बंद-अंत वाले प्रश्न (Close-ended Questions): जिनका केवल एक सही उत्तर होता है। (उदाहरण: "जल का रासायनिक सूत्र क्या है?")
निष्कर्ष
एक विज्ञान शिक्षक के रूप में, आपका लक्ष्य छात्रों को 'छोटा वैज्ञानिक' बनाना है। उन्हें प्रश्न पूछने, गलती करने और फिर से प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करें। पूछताछ और साक्ष्य आधारित शिक्षण ही छात्रों में वास्तविक वैज्ञानिक सोच विकसित कर सकता है।
पूछताछ और अनुभवजन्य साक्ष्य
Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes