वायु

Sunil Sagare
0

 

1. वायुमंडल का संघटन (Composition of the Atmosphere)

वायुमंडल कोई एक गैस नहीं है, बल्कि यह कई गैसों का मिश्रण है। इसमें जीवन के लिए आवश्यक गैसें और अन्य तत्व निश्चित मात्रा में पाए जाते हैं।

मुख्य गैसें और उनका प्रतिशत

वायुमंडल में पाई जाने वाली गैसों का वितरण निम्नलिखित है (इसे याद रखें, यह CTET में अक्सर पूछा जाता है):

  • नाइट्रोजन ($\text{N}_2$): $78\%$

  • ऑक्सीजन ($\text{O}_2$): $21\%$

  • ऑर्गन ($\text{Ar}$): $0.93\%$

  • कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$): $0.03\%$

  • अन्य सभी गैसें: $0.04\%$ (इसमें हीलियम, ओजोन, हाइड्रोजन आदि शामिल हैं)।

  • Shutterstock

प्रमुख गैसों का विवरण और महत्व

1. नाइट्रोजन ($\text{N}_2$):

  • यह वायु में सर्वाधिक पाई जाने वाली गैस है।

  • जब हम सांस लेते हैं, तो फेफड़ों में कुछ नाइट्रोजन भी ले जाते हैं और फिर उसे बाहर निकाल देते हैं।

  • परंतु, पौधों को अपने जीवन के लिए नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। वे सीधे वायु से नाइट्रोजन नहीं ले सकते। मृदा तथा कुछ पौधों की जड़ों में रहने वाले जीवाणु (Bacteria) वायु से नाइट्रोजन लेकर उसका स्वरूप बदल देते हैं, जिससे पौधे इसका प्रयोग कर सकें।

2. ऑक्सीजन ($\text{O}_2$):

  • यह प्रचुरता में मिलने वाली दूसरी गैस है।

  • मनुष्य तथा पशु सांस लेने में इसका उपयोग करते हैं।

  • हरे पादप, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं। इस प्रकार वायु में ऑक्सीजन की मात्रा समान बनी रहती है। यदि हम वृक्ष काटते हैं, तो यह संतुलन बिगड़ जाता है।

3. कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$):

  • यह बहुत महत्वपूर्ण गैस है। हरे पादप अपने भोजन के रूप में इसका प्रयोग करते हैं और ऑक्सीजन वापस देते हैं।

  • मनुष्य और पशु कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं।

  • हरित गृह प्रभाव (Greenhouse Effect): $\text{CO}_2$ वायुमंडल में फैलकर पृथ्वी से विकिरित ऊष्मा को पृथ्वी पर रोककर 'ग्रीन हाउस प्रभाव' पैदा करती है। इसलिए इसे ग्रीन हाउस गैस भी कहते हैं। इसके बिना पृथ्वी इतनी ठंडी हो जाती कि इस पर रहना असंभव होता।

  • भूमंडलीय तापन (Global Warming): जब कारखानों और कारों के धुएं से वायुमंडल में इसका स्तर बढ़ता है, तब इस ऊष्मा के द्वारा पृथ्वी का तापमान बढ़ता है। इसे भूमंडलीय तापन कहते हैं। इसके फलस्वरूप ठंडे प्रदेशों की बर्फ पिघलती है और समुद्र के जल स्तर में वृद्धि होती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है।


2. वायुमंडल की संरचना (Structure of the Atmosphere)

हमारा वायुमंडल $5$ प्रमुख परतों में विभाजित है। ये परतें पृथ्वी की सतह से शुरू होती हैं।

(क) क्षोभमंडल (Troposphere)

  • यह वायुमंडल की सबसे महत्वपूर्ण परत है।

  • औसत ऊँचाई: लगभग $13 \text{ km}$

  • हम इसी मंडल में मौजूद वायु में सांस लेते हैं।

  • मौसम की लगभग सभी घटनाएं जैसे—वर्षा, कोहरा, और ओलावर्षण इसी परत के अंदर होती हैं।

(ख) समतापमंडल (Stratosphere)

  • क्षोभमंडल के ऊपर का भाग समतापमंडल कहलाता है।

  • ऊँचाई: यह लगभग $50 \text{ km}$ की ऊँचाई तक फैला है।

  • यह परत बादलों और मौसम संबंधी घटनाओं से लगभग मुक्त होती है।

  • वायुयान उड़ाने के लिए आदर्श: शांत वातावरण के कारण हवाई जहाज इसी परत में उड़ते हैं।

  • ओजोन परत: इस परत की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें ओजोन गैस ($\text{O}_3$) की परत होती है। यह परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet) किरणों से हमारी रक्षा करती है।

(ग) मध्यमंडल (Mesosphere)

  • यह वायुमंडल की तीसरी परत है।

  • यह समतापमंडल के ठीक ऊपर होती है।

  • ऊँचाई: यह लगभग $80 \text{ km}$ की ऊँचाई तक फैली है।

  • उल्का पिंड: अंतरिक्ष से प्रवेश करने वाले उल्का पिंड इस परत में आने पर घर्षण के कारण जल जाते हैं।

(घ) बाह्य वायुमंडल (Thermosphere)

  • बाह्य वायुमंडल में बढ़ती ऊँचाई के साथ तापमान अत्यधिक तीव्रता से बढ़ता है।

  • आयनमंडल (Ionosphere): यह इसी परत का एक भाग है। यह $80 \text{ km}$ से $400 \text{ km}$ तक फैला है।

  • रेडियो संचार: यह परत रेडियो संचार के लिए उपयोग होती है। पृथ्वी से प्रसारित रेडियो तरंगें इस परत द्वारा पुनः पृथ्वी पर परावर्तित कर दी जाती हैं।

(ङ) बहिर्मंडल (Exosphere)

  • वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत को बहिर्मंडल के नाम से जाना जाता है।

  • यहाँ वायु की परत बहुत पतली होती है।

  • हल्की गैसें जैसे हीलियम ($\text{He}$) और हाइड्रोजन ($\text{H}$) यहीं से अंतरिक्ष में तैरती रहती हैं।


3. मौसम और जलवायु (Weather and Climate)

अक्सर छात्र इन दोनों शब्दों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनमें तकनीकी अंतर है।

मौसम (Weather)

  • मौसम वायुमंडल की प्रत्येक घंटे तथा दिन-प्रतिदिन की स्थिति होती है।

  • यह नाटकीय रूप से दिन-प्रतिदिन बदल सकता है।

  • उदाहरण: आज धूप खिली है, कल बारिश हो सकती है। "आर्द्र मौसम" या "हवादार मौसम"।

जलवायु (Climate)

  • दीर्घकाल में किसी स्थान का औसत मौसम उस स्थान की जलवायु बताता है।

  • इसके लिए लगभग $25$ वर्ष या उससे अधिक का औसत आँकड़ा देखा जाता है।

  • उदाहरण: भारत की जलवायु 'मानसूनी' है।


4. तापमान (Temperature)

वायु में मौजूद ताप और शीतलता के परिमाण को तापमान कहते हैं। वायुमंडल का तापमान केवल दिन और रात में ही नहीं बदलता, बल्कि ऋतुओं के अनुसार भी बदलता है (जैसे शीत ऋतु की अपेक्षा ग्रीष्म ऋतु ज्यादा गर्म होती है)।

आतपन (Insolation)

यह एक महत्वपूर्ण कारक है जो तापमान के वितरण को प्रभावित करता है।

  • परिभाषा: सूर्य से आने वाली वह ऊर्जा जिसे पृथ्वी रोक लेती है, आतपन कहलाती है।

  • वितरण: आतपन (सूर्यातप) की मात्रा भूमध्य रेखा (Equator) से ध्रुवों (Poles) की ओर घटती है। यही कारण है कि ध्रुव बर्फ से ढके हुए हैं।

  • यदि पृथ्वी का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो इतनी गर्मी हो जाएगी कि कुछ फसलें नहीं उग सकेंगी।

  • गाँवों की अपेक्षा नगरों का तापमान अधिक होता है क्योंकि कंक्रीट और धातुओं से बनी इमारतें और एस्फाल्ट (Asphalt) से बनी सड़कें दिन में गर्म हो जाती हैं और रात में ऊष्मा मुक्त करती हैं।

तापमान मापने की इकाई

  • तापमान को मापने की मानक इकाई डिग्री सेल्सियस ($^\circ\text{C}$) है।

  • इसका आविष्कार एंडर्स सेल्सियस ने किया था।

  • जल $0^\circ\text{C}$ पर जमता है और $100^\circ\text{C}$ पर उबलता है।


5. वायुदाब (Air Pressure)

यह जानकर आश्चर्य होगा कि वायु हमारे शरीर पर उच्च दाब के साथ बल लगाती है। किन्तु हम इसका अनुभव नहीं करते क्योंकि यह दाब सभी दिशाओं से लगता है और हमारा शरीर विपरीत बल लगाता है।

  • परिभाषा: पृथ्वी की सतह पर वायु के भार द्वारा लगाया गया दाब, वायुदाब कहलाता है।

  • ऊर्ध्वाधर वितरण: वायुमंडल में ऊपर जाने पर दाब तेजी से गिरता है।

  • क्षैतिज वितरण: समुद्र स्तर (Sea Level) पर वायुदाब सर्वाधिक होता है।

  • तापमान और दाब का संबंध:

    • जिस क्षेत्र में तापमान अधिक होता है, वहाँ वायु गर्म होकर ऊपर उठती है। इससे निम्न दाब (Low Pressure) क्षेत्र बनता है। निम्न दाब, बादलों युक्त आकाश और नम मौसम के साथ जुड़ा होता है।

    • कम तापमान वाले क्षेत्रों में वायु ठंडी होती है। यह भारी होती है। भारी वायु निमज्जित होकर उच्च दाब (High Pressure) क्षेत्र बनाती है। उच्च दाब के कारण आकाश स्पष्ट और स्वच्छ होता है।

अत्यंत महत्वपूर्ण नियम:

वायु सदैव उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर गमन करती है।


6. पवन (Wind)

उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर वायु की गति को पवन कहते हैं। पवन को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:

1. स्थायी पवनें (Permanent Winds)

  • ये पवनें वर्ष भर लगातार एक निश्चित दिशा में चलती रहती हैं।

  • व्यापारिक पवनें (Trade Winds): ये पूर्व से पश्चिम की ओर चलती हैं (उपोष्ण उच्च दाब से विषुवतीय निम्न दाब की ओर)।

  • पछुआ पवनें (Westerlies): ये पश्चिम से चलती हैं।

  • ध्रुवीय पवनें (Polar Easterlies): ये ध्रुवों से ठंडी हवाएं हैं।

2. मौसमी पवनें (Seasonal Winds)

  • ये पवनें विभिन्न ऋतुओं में अपनी दिशा बदलती रहती हैं।

  • उदाहरण: भारत में मानसूनी पवनें। (गर्मी में समुद्र से स्थल की ओर, सर्दी में स्थल से समुद्र की ओर)।

3. स्थानीय पवनें (Local Winds)

  • ये पवनें किसी छोटे क्षेत्र में वर्ष या दिन के किसी विशेष समय में चलती हैं।

  • उदाहरण: स्थल समीर (Land Breeze) और समुद्री समीर (Sea Breeze)।

  • लू (Loo): भारत के उत्तरी क्षेत्र में गर्मी के दिनों में चलने वाली गर्म और शुष्क स्थानीय पवन।


7. आर्द्रता (Humidity)

जब जल पृथ्वी और विभिन्न जलाशयों से वाष्पित होता है, तो यह जलवाष्प बन जाता है। वायु में किसी भी समय जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं।

  • जब वायु में जलवाष्प की मात्रा अत्यधिक होती है, तो उसे हम आर्द्र दिन कहते हैं।

  • जैसे-जैसे वायु गर्म होती है, इसकी जलवाष्प धारण करने की क्षमता बढ़ती जाती है। इसीलिए उमस वाले दिन कपड़े सूखने में काफी समय लगता है और पसीना आसानी से नहीं सूखता।


8. वर्षण (Rainfall)

जलवाष्प ऊपर उठता है, ठंडा होता है और संघनित (Condense) होकर जल की बूंदें बनाता है। बादल इन्हीं जल बूंदों का ही एक समूह होता है। जब ये बूंदें इतनी भारी हो जाती हैं कि वायु में तैर न सकें, तब ये वर्षण के रूप में नीचे आती हैं। पृथ्वी पर जल के रूप में गिरने वाला वर्षण वर्षा कहलाता है।

वर्षा तीन प्रकार की होती है:

1. संवहनीय वर्षा (Convectional Rainfall)

  • यह तब होती है जब गर्म हवा ऊपर उठती है।

  • जैसे ही हवा गर्म होती है, यह हल्की होकर ऊपर जाती है, ठंडी होती है और बारिश के रूप में बरसती है।

  • यह प्रायः भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में प्रतिदिन दोपहर बाद होती है।

2. पर्वतीय वर्षा (Orographic Rainfall)

  • इसे 'राहत वर्षा' (Relief Rain) भी कहते हैं।

  • यह तब होती है जब आर्द्र पवनें किसी पर्वत से टकराकर ऊपर उठने को मजबूर हो जाती हैं।

  • पहाड़ की जिस तरफ हवा टकराती है (पवनविमुख - Windward side), वहाँ भारी वर्षा होती है। दूसरी तरफ (पवनविमुख - Leeward side) सूखा रह जाता है, जिसे 'वृष्टि छाया क्षेत्र' कहते हैं।

3. चक्रवातीय वर्षा (Cyclonic Rainfall)

  • यह वर्षा तब होती है जब गर्म वायु और ठंडी वायु आपस में मिलती हैं।

  • गर्म हवा ठंडी हवा के ऊपर चढ़ जाती है, जिससे चक्रवाती तूफान और बारिश होती है।


9. महत्वपूर्ण यंत्र (Important Instruments)

CTET परीक्षा में अक्सर मिलान करने वाले प्रश्न इन यंत्रों से पूछे जाते हैं:

  1. तापमापी (Thermometer): तापमान मापता है।

  2. वायुदाबमापी (Barometer): वायुदाब मापता है।

  3. वर्षामापी (Rain Gauge): वर्षा की मात्रा मापता है।

  4. वातदिग्दर्शक (Wind Vane): पवन की दिशा दर्शाता है।


10. सारांश और महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Revision Facts)

  • वायुमंडल: पृथ्वी को घेरने वाली वायु की चादर।

  • सर्वाधिक गैस: नाइट्रोजन ($78\%$) और ऑक्सीजन ($21\%$) मिलकर वायुमंडल का $99\%$ भाग बनाते हैं।

  • ओजोन: समतापमंडल में पाई जाती है, UV किरणों से रक्षा करती है।

  • रेडियो तरंगें: बाह्य वायुमंडल (आयनमंडल) से परावर्तित होती हैं।

  • वायुदाब: समुद्र तल पर सर्वाधिक होता है।

  • पवन नियम: उच्च दाब से निम्न दाब की ओर।

  • जेट हवाई जहाज: हवाई जहाज के पीछे दिखने वाली सफेद लकीर इंजनों से निकली नमी होती है जो संघनित हो जाती है।



वायु

Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes

Time Left: 20:00

टिप्पणी पोस्ट करा

0 टिप्पण्या
टिप्पणी पोस्ट करा (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top