1. उष्णकटिबंधीय प्रदेश: अमेज़न बेसिन (जीवन और विशेषताएं)
अमेज़न बेसिन विश्व का सबसे बड़ा नदी बेसिन है। यह दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित है।
भौगोलिक स्थिति और विस्तार
यह भूमध्य रेखा (Equator) के आसपास फैला हुआ है।
इसका विस्तार $10^\circ \text{N}$ से $10^\circ \text{S}$ अक्षांशों के मध्य है।
अमेज़न नदी: यह एंडीज पर्वत से निकलती है और पूर्व में अटलांटिक महासागर में गिरती है।
अपवाह क्षेत्र: यह बेसिन ब्राजील, पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर, कोलंबिया और वेनेजुएला के कुछ भागों को कवर करता है।
जिस स्थान पर कोई नदी किसी अन्य जल राशि में मिलती है, उसे नदी का मुहाना कहते हैं। अमेज़न नदी का मुहाना बहुत चौड़ा है।
जलवायु (Climate)
यहाँ की जलवायु पूरे वर्ष गर्म और आर्द्र रहती है।
यहाँ मौसम दिन और रात दोनों समय लगभग समान रूप से गर्म होता है।
प्रतिदिन वर्षा होती है, वह भी बिना किसी पूर्व चेतावनी के।
दिन का तापमान उच्च और आर्द्रता (Humidity) बहुत अधिक होती है। रात में तापमान कम हो जाता है लेकिन आर्द्रता वैसी ही बनी रहती है।
वर्षावन (Rainforests)
यहाँ अत्यधिक वर्षा के कारण घने वन पाए जाते हैं। इन्हें सेलवा (Selva) वन भी कहा जाता है।
ये वन इतने सघन होते हैं कि पत्तियों और शाखाओं से 'छत' सी बन जाती है, जिससे सूर्य का प्रकाश धरातल तक नहीं पहुँच पाता।
यहाँ केवल वही वनस्पति पनप सकती है जो छाया में बढ़ने की क्षमता रखती हो।
परजीवी पौधे: आर्किड और ब्रोमेलियाड (Bromeliads) यहाँ परजीवी पौधों के रूप में उगते हैं।
नोट: ब्रोमेलियाड एक विशेष प्रकार का पौधा है जो अपनी पत्तियों में जल संचित रखता है। मेंढक जैसे प्राणी इन जल के पॉकेट का उपयोग अंडे देने के लिए करते हैं।
वन्य जीवन (Fauna)
पक्षी: टूकन (Toucan), गुंजन पक्षी (Hummingbird) और मकाऊ। इनकी चोंच बड़ी होती है।
जानवर: बंदर, स्लॉथ (Sloth) और चींटी खाने वाले टैपीर (Tapir)।
सरीसृप: मगरमच्छ, सांप, अजगर और एनाकोंडा।
मछलियाँ: मांस खाने वाली पिरान्या (Piranha) मछली।
अमेज़न के निवासी और जीवनशैली
यहाँ के लोग छोटे क्षेत्रों में वन के कुछ वृक्षों को काटकर खेती करते हैं।
कर्तन एवं दहन कृषि (Slash and Burn): किसान पहले वृक्षों और झाड़ियों को काटते हैं, फिर उन्हें जलाते हैं जिससे पोषक तत्व मिट्टी में मिल जाते हैं। कुछ वर्षों तक फसल उगाने के बाद जब मिट्टी की उर्वरता समाप्त हो जाती है, तो वे उस भूमि को छोड़ देते हैं और नई जगह खेती करते हैं। इस बीच पुराने खेत में फिर से पेड़ उग आते हैं।
मुख्य फसलें: टेपियोका, अनानास और शकरकंद।
नकदी फसलें: कॉफी, मक्का और कोको।
आहार: इनका मुख्य आहार 'कसावा' है, जो आलू की तरह जमीन के अंदर पैदा होता है। वे 'मैनियोक' भी खाते हैं।
आवास:
कुछ लोग 'मधुमक्खी के छत्ते' के आकार वाले छप्पर के घरों में रहते हैं।
कुछ लोग 'मलोका' (Maloca) कहे जाने वाले बड़े अपार्टमेंट जैसे घरों में रहते हैं, जिनकी छत तीव्र ढलान वाली होती है।
1970 में ट्रांस अमेज़न महामार्ग बनने से वर्षावन के सभी भागों तक पहुँचना संभव हुआ।
2. उपोष्ण प्रदेश: गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन
यह बेसिन भारत और बांग्लादेश में स्थित है और उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में आता है।
भौगोलिक स्थिति
यह $10^\circ \text{N}$ से $30^\circ \text{N}$ अक्षांशों के मध्य स्थित है।
सहायक नदियाँ: घाघरा, सोन, चंबल, गंडक, कोसी (गंगा की सहायक) और ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियाँ इसमें अपवाहित होती हैं।
मैदानी क्षेत्र में चापझील (Ox-bow lakes) पाई जाती हैं।
जलवायु
यह क्षेत्र 'मानसूनी जलवायु' के अंतर्गत आता है।
मध्य जून से मध्य सितंबर के बीच वर्षा होती है।
ग्रीष्म ऋतु में गर्मी और शीत ऋतु में ठंड होती है।
विविधता और स्थलाकृति
पर्वतीय क्षेत्र: यहाँ जनसंख्या कम है क्योंकि ढलान तीव्र है और जीवन कठिन है।
मैदानी क्षेत्र: यहाँ जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक है। मिट्टी उपजाऊ है, जो कृषि के लिए सर्वोत्तम है।
डेल्टा क्षेत्र: सुंदरवन डेल्टा (विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा) यहीं स्थित है। यहाँ मैंग्रोव वन पाए जाते हैं।
कृषि और वनस्पति
मुख्य फसल: धान (चावल) है। चूंकि धान की खेती के लिए पर्याप्त जल की आवश्यकता होती है, यह उन्हीं क्षेत्रों में उगाया जाता है जहाँ अधिक वर्षा होती है।
अन्य फसलें: गेहूँ, मक्का, ज्वार, चना और बाजरा।
नकदी फसलें: गन्ना, जूट और केला। पश्चिम बंगाल और असम में चाय के बागान मिलते हैं। बिहार और असम के कुछ भागों में सिल्क (रेशम) का उत्पादन रेशम के कीड़ों का पालन कर किया जाता है।
वृक्ष: मैदानी क्षेत्रों में सागवान, साखू (Sal) और पीपल के साथ उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं। ब्रह्मपुत्र के मैदानों में बाँस (Bamboo) के घने झुरमुट पाए जाते हैं।
वन्य जीवन
हाथी, बाघ, हिरण और बंदर सामान्य रूप से पाए जाते हैं।
एक सींग वाला गैंडा: यह ब्रह्मपुत्र के मैदानों (असम) में पाया जाता है।
जलीय जीवन: नदी के साफ जल में एक विशेष प्रकार की डॉल्फिन पाई जाती है जिसे स्थानीय भाषा में 'सुसु' (Susu) या 'अंधी डॉल्फिन' कहा जाता है। सुसु की उपस्थिति जल की शुद्धता का सूचक है। रसायनों की अधिकता इसे नष्ट कर रही है।
रोहू, कतला और हिलसा मछलियाँ लोकप्रिय हैं। मछली और चावल यहाँ के लोगों का मुख्य आहार है।
परिवहन और पर्यटन
गंगा नदी संरक्षण के लिए 'नमामि गंगे' कार्यक्रम शुरू किया गया है।
पर्यटन: आगरा (ताजमहल), इलाहाबाद (संगम), उत्तर प्रदेश और बिहार में बौद्ध स्तूप, असम में काजीरंगा और मानस वन्यजीव अभयारण्य।
3. शीतोष्ण घासस्थल: प्रेयरी (उत्तरी अमेरिका)
शीतोष्ण घासस्थल वे क्षेत्र हैं जहाँ तापमान मध्यम रहता है और घास मुख्य वनस्पति होती है। उत्तरी अमेरिका के घासस्थल को 'प्रेयरी' (Prairies) कहा जाता है।
भौगोलिक स्थिति
यह समतल, मंद ढलान या पहाड़ियों वाला प्रदेश है।
पश्चिम में रॉकी पर्वत और पूर्व में ग्रेट लेक्स (Great Lakes) से घिरा हुआ है।
यह संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और कनाडा के भागों को कवर करता है।
USA में इसका अपवाह मिसिसिपी नदी की सहायक नदियाँ करती हैं, जबकि कनाडा में सस्केचवान नदी की सहायक नदियाँ।
जलवायु
महाद्वीप के मध्य में स्थित होने के कारण यहाँ चरम तापमान वाली जलवायु होती है।
ग्रीष्म ऋतु में तापमान $20^\circ \text{C}$ के आसपास रहता है।
शीत ऋतु में (विनीपेग, कनाडा में) तापमान $-20^\circ \text{C}$ तक गिर जाता है। यह क्षेत्र बर्फ की मोटी परत से ढक जाता है।
चिनूक (Chinook): यह एक स्थानीय गर्म पवन है जो शीत ऋतु में बहती है। यह कम समय में तापमान बढ़ा देती है, जिससे बर्फ पिघल जाती है और पशुओं के चरने के लिए चारागाह उपलब्ध हो जाता है।
वनस्पति और प्राणी
यहाँ पेड़ कम और घास अधिक होती है। घास $2$ मीटर तक ऊँची हो सकती है। इसे 'घास का सागर' कहा जाता है।
जहाँ जल उपलब्ध होता है (नदियों के पास), वहाँ विलो (Willow), ऑल्डर और पॉपुलर जैसे पेड़ उगते हैं।
मुख्य पशु: बाइसन (Bison) या अमेरिकी भैंसा। यह इस क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण पशु है। शिकार के कारण यह लुप्तप्राय हो गया है, अब इसे सुरक्षित किया गया है।
अन्य जानवर: खरगोश, कायोट (Coyote), गोफर और प्रेयरी कुत्ता।
कृषि और अर्थव्यवस्था
यहाँ के लोग बहुत परिश्रमी हैं।
गेहूँ की टोकरी: वैज्ञानिक विधियों और ट्रैक्टर, हार्वेस्टर तथा कंबाइन जैसी मशीनों के उपयोग से उत्तरी अमेरिका सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक बन गया है। अत्यधिक गेहूँ उत्पादन के कारण प्रेयरी को 'विश्व की गेहूँ की टोकरी' (Granaries of the world) भी कहा जाता है।
रैंच (Ranch): मवेशियों को पाला जाने वाले विशाल फार्म को रैंच कहते हैं और इनकी देखभाल करने वाले को 'काउबॉय' (Cowboy) कहते हैं।
यहाँ कोयला और लोहा जैसे खनिज पदार्थ भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
4. शीतोष्ण घासस्थल: वेल्ड (दक्षिण अफ्रीका)
दक्षिण अफ्रीका के शीतोष्ण घासस्थल को 'वेल्ड' (Velds) कहा जाता है।
भौगोलिक स्थिति
यह $600\text{m}$ से $1100\text{m}$ तक की उबड़-खाबड़ पठारी भूमि है।
यह ड्रकेन्सबर्ग पर्वतों (पूर्व में) से घिरा है। इसके पश्चिम में कालाहारी रेगिस्तान स्थित है।
लिम्पोपो और ओरेंज नदियाँ इस क्षेत्र को सिंचित करती हैं।
जलवायु
हिंद महासागर के प्रभाव के कारण यहाँ की जलवायु नम (Mild) होती है।
शीत ऋतु ठंडी और शुष्क होती है ($5^\circ \text{C}$ से $10^\circ \text{C}$)। जुलाई सबसे ठंडा महीना होता है।
ग्रीष्म ऋतु छोटी और गर्म होती है। जोहान्सबर्ग में तापमान $20^\circ \text{C}$ तक होता है।
वर्षा मुख्य रूप से ग्रीष्म ऋतु (नवंबर से फरवरी) में होती है। यदि वर्षा कम हो, तो सूखा पड़ सकता है।
वनस्पति और प्राणी
यहाँ वनस्पति विरल है।
घास प्रमुख है। लाल घास (Red Grass) यहाँ उगती है।
ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बबूल (Acacia) और मारूला उगते देखे जा सकते हैं।
जानवर: शेर, तेंदुआ, चीता और कुडू प्रमुख हैं।
निवासी और आर्थिक क्रियाकलाप
यहाँ की मिट्टी बहुत उपजाऊ नहीं है, लेकिन जहाँ भूमि उपजाऊ है वहाँ फसलें उगाई जाती हैं (मक्का, गेहूँ, ज्वार, अखरोट, आलू)।
पशुपालन: यह यहाँ का मुख्य व्यवसाय है।
भेड़ पालन: ऊन के लिए भेड़ों को पाला जाता है। इससे ऊनी उद्योग विकसित हुआ है। मेरिनो (Merino) भेड़ एक लोकप्रिय प्रजाति है जिसकी ऊन बहुत गर्म होती है।
डेयरी फार्मिंग: यह दूसरा महत्वपूर्ण व्यवसाय है।
खनन: वेल्ड खनिजों में समृद्ध है।
जोहान्सबर्ग: इसे विश्व की स्वर्ण राजधानी (Gold Capital) कहा जाता है।
किम्बरले: यह हीरे की खानों के लिए प्रसिद्ध है।
5. गर्म रेगिस्तान: सहारा
रेगिस्तान एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ तापमान चरम (बहुत गर्म या बहुत ठंडा) होता है, वर्षा बहुत कम होती है और वनस्पति विरल होती है। सहारा विश्व का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है।
भौगोलिक स्थिति
यह उत्तरी अफ्रीका में स्थित है। इसका क्षेत्रफल $8.54$ मिलियन वर्ग किमी है (भारत का क्षेत्रफल $3.2$ मिलियन वर्ग किमी है)।
यह 11 देशों को छूता है: अल्जीरिया, चाड, मिस्र, लीबिया, माली, मॉरिटानिया, मोरक्को, नाइजर, सूडान, ट्यूनीशिया और पश्चिमी सहारा।
यहाँ केवल रेत नहीं, बल्कि बजरी के मैदान और नग्न चट्टानी सतह वाले पठार भी पाए जाते हैं। कुछ चट्टानी सतहें $2500\text{m}$ से भी ऊँची हैं।
जलवायु
जलवायु अत्यधिक गर्म और शुष्क है। वर्षा ऋतु बहुत छोटी होती है।
दिन का तापमान $50^\circ \text{C}$ से ऊपर पहुँच जाता है, जिससे रेत और चट्टानें तप जाती हैं।
रातें अत्यधिक ठंडी होती हैं और तापमान $0^\circ \text{C}$ के करीब पहुँच जाता है।
अल अजीजिया: सहारा के लीबिया में स्थित इस स्थान पर 1922 में सबसे अधिक तापमान $57.7^\circ \text{C}$ दर्ज किया गया था।
वनस्पति और प्राणी
वनस्पति: कैक्टस (नागफनी), खजूर (Date palms) और बबूल (Acacia)।
मरुद्यान (Oasis) में खजूर के पेड़ों से घire हुए हरे द्वीप पाए जाते हैं।
जानवर: ऊँट, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, बिच्छू और साँपों की विभिन्न प्रजातियाँ।
निवासी और जीवन
कठिन जलवायु के बावजूद यहाँ विभिन्न समुदाय रहते हैं, जैसे बेदुईन (Bedouins) और तुआरेग (Tuaregs)।
ये चलवासी जनजाति हैं जो बकरी, भेड़, ऊँट और घोड़े पालते हैं।
पशुओं से दूध, खाल (पेटी, जूते, पानी की बोतल बनाने के लिए) और बाल (चटाई, कालीन, कपड़े, कंबल के लिए) प्राप्त करते हैं।
धूल भरी आँधियों और गर्म हवाओं से बचने के लिए ये लोग भारी वस्त्र पहनते हैं।
मरुद्यान (Oasis): सहारा में मरुद्यान और मिस्र में नील घाटी लोगों को निवास में मदद करती है। यहाँ जल उपलब्ध होने से खजूर, चावल, गेहूँ, जौ और सेम जैसी फसलें उगाई जाती हैं। मिस्र की कपास (Egyptian Cotton) विश्व प्रसिद्ध है।
ताफिलालेट मरुद्यान (Tafilalet Oasis): यह मोरक्को में है और $13,000$ वर्ग किमी में फैला एक बड़ा मरुद्यान है।
तेल (Petroleum) की खोज (अल्जीरिया, लीबिया, मिस्र) ने इस क्षेत्र का कायापलट कर दिया है।
6. ठंडा रेगिस्तान: लद्दाख
लद्दाख जम्मू और कश्मीर के पूर्व में वृहत हिमालय में स्थित एक ठंडा रेगिस्तान है।
भौगोलिक स्थिति
इसके उत्तर में कराकोरम पर्वत श्रेणियाँ और दक्षिण में जांस्कर पर्वत स्थित है।
सिंधु नदी यहाँ की प्रमुख नदी है। नदियाँ गहरी घाटियों और महाखड्ड (Gorge) का निर्माण करती हैं।
यहाँ कई हिमानियाँ (Glaciers) हैं, जैसे गैंग्री हिमानी।
लद्दाख को 'खापा-चान' (Khapa-chan) भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'हिम भूमि'।
जलवायु
ऊँचाई कारगिल में $3000\text{m}$ से लेकर कराकोरम में $8000\text{m}$ तक है।
अधिक ऊँचाई के कारण वायु की परत बहुत पतली होती है, जिससे सूर्य की गर्मी की तीव्रता बहुत अधिक महसूस होती है।
ग्रीष्म ऋतु में दिन का तापमान $0^\circ \text{C}$ से थोड़ा ऊपर और रात में $-30^\circ \text{C}$ से नीचे होता है।
शीत ऋतु में तापमान हर समय $-40^\circ \text{C}$ से नीचे रहता है।
यह हिमालय के वृष्टि छाया क्षेत्र (Rain shadow area) में स्थित है, इसलिए यहाँ वर्षा बहुत कम ($10\text{cm}$ प्रति वर्ष से कम) होती है।
वनस्पति और प्राणी
शुष्कता के कारण वनस्पति विरल है। जानवरों के चरने के लिए कहीं-कहीं ही घास और झाड़ियाँ मिलती हैं।
घाटियों में शरपत (Willow) और पॉपुलर के उपवन देखे जा सकते हैं।
ग्रीष्म ऋतु में सेब, खुबानी और अखरोट जैसे पेड़ फलते हैं।
पक्षी: रॉबिन, रेड स्टार्ट, तिब्बती स्नोकॉक, रेवेन और हूप। इनमें से कुछ प्रवासी पक्षी हैं।
जानवर: जंगली बकरी, जंगली भेड़, याक और विशेष प्रकार के कुत्ते।
याक (Yak): इसके दूध का उपयोग पनीर और मक्खन बनाने में होता है।
चीरू (Chiru): यह तिब्बती एंटीलोप है। इसका शिकार 'शाहतूश' (Shahtoosh) नामक ऊन के लिए किया जाता है, जो वजन में हल्का और अत्यधिक गर्म होता है। अब यह एक विलुप्तप्राय जीव है।
निवासी और संस्कृति
यहाँ के अधिकांश लोग मुसलमान या बौद्ध हैं।
लद्दाख में अनेक बौद्ध मठ (Gompas) अपने परंपरागत 'गोम्पा' के साथ स्थित हैं।
प्रसिद्ध मठ: हेमिस, थिकसे, शे और लामायुरू।
ग्रीष्म ऋतु में लोग जौ, आलू, मटर, सेम और शलजम की खेती करते हैं।
शीत ऋतु में कष्टकारी जलवायु के कारण लोग उत्सवों और अनुष्ठानों में व्यस्त रहते हैं।
पर्यटन: यह यहाँ का एक प्रमुख क्रियाकलाप है। देश-विदेश से पर्यटक गोम्पा दर्शन, घास के मैदानों और हिमानियों की सैर के लिए आते हैं।
लेह को सड़क और वायु मार्ग द्वारा अच्छी तरह जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 1A लेह को जोजिला दर्रा होते हुए कश्मीर घाटी से जोड़ता है।
मनाली-लेह राजमार्ग: यह चार दर्रों से गुजरता है - रोहतांग ला, बारालाचा ला, लुंगालाचा ला और टंगलंग ला। यह मार्ग केवल जुलाई से सितंबर के बीच खुलता है जब बर्फ हटा दी जाती है।
सारांश तालिका (Quick Revision Table)
| विशेषता | अमेज़न (उष्णकटिबंधीय) | गंगा-ब्रह्मपुत्र (उपोष्ण) | प्रेयरी (शीतोष्ण) | वेल्ड (शीतोष्ण) | सहारा (गर्म रेगिस्तान) | लद्दाख (ठंडा रेगिस्तान) |
| जलवायु | गर्म और आर्द्र | मानसूनी | चरम (Continental) | नम (Mild) | अत्यधिक गर्म | अत्यधिक ठंडा |
| वनस्पति | सेलवा (वर्षावन) | पर्णपाती, सुंदरी वृक्ष | घास, विलो | लाल घास | कैक्टस, खजूर | विलो, पॉपुलर |
| मुख्य जीव | टूकन, एनाकोंडा | गैंडा, सुसु डॉल्फिन | बाइसन | शेर, मेरिनो भेड़ | ऊँट, बिच्छू | याक, चीरू |
| मानव कार्य | कर्तन-दहन कृषि | कृषि (धान), जूट | गेहूँ कृषि (मशीनी) | पशुपालन, खनन | पशुपालन, तेल | पर्यटन, जौ खेती |
मानव-पर्यावरण अन्योन्यक्रिया
Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes