व्यक्तित्व: सिद्धांत और मापन

Sunil Sagare
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परिचय

व्यक्तित्व केवल बाहरी दिखावा नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के समस्त व्यवहार प्रतिमानों का एक समग्र रूप है। CTET परीक्षा के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। यहाँ हम व्यक्तित्व के अर्थ, सिद्धांत और मापन की विधियों को बिंदुवार समझेंगे।

1. व्यक्तित्व का अर्थ और परिभाषा (Meaning and Definition)

  • शाब्दिक अर्थ: Personality शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द Persona से हुई है।

  • Persona का अर्थ: नकाब या मुखौटा (Mask)। प्राचीन काल में यूनानी रंगमंच पर कलाकार जिस पात्र का अभिनय करते थे, उसी का मुखौटा पहन लेते थे।

  • आधुनिक अर्थ: यह व्यक्ति के आंतरिक और बाह्य गुणों का गत्यात्मक संगठन (Dynamic Organization) है।

प्रमुख परिभाषाएँ (महत्वपूर्ण):

  • G.W. Allport (सबसे मान्य परिभाषा): "व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर उन मनोशारीरिक (Psychophysical) गुणों का वह गत्यात्मक संगठन है जो वातावरण के साथ उसका अपूर्व समायोजन निर्धारित करता है।"

  • Watson: "हम जो कुछ भी करते हैं, वही व्यक्तित्व है।"

  • Freud: "व्यक्तित्व अचेतन मन की प्रक्रियाओं और बाल्यावस्था के अनुभवों का परिणाम है।"


2. व्यक्तित्व की विशेषताएँ (Characteristics)

  1. आत्म-चेतना (Self-Consciousness): यह व्यक्तित्व की सबसे मुख्य विशेषता है। छोटे बच्चों में यह नहीं होती, लेकिन उम्र के साथ विकसित होती है।

  2. गत्यात्मकता (Dynamism): व्यक्तित्व स्थिर नहीं होता, इसमें समय और अनुभव के साथ परिवर्तन होते रहते हैं।

  3. मनोशारीरिक (Psychophysical): यह केवल मन (मानसिक) या केवल शरीर (शारीरिक) नहीं है, बल्कि दोनों का मेल है।

  4. समायोजन (Adjustment): एक अच्छा व्यक्तित्व वह है जो नई परिस्थितियों में खुद को ढाल सके।

  5. एकीकरण (Integration): व्यक्तित्व के सभी पहलू (संवेग, विचार, व्यवहार) आपस में जुड़े होते हैं, बिखरे हुए नहीं।


3. व्यक्तित्व के निर्धारक (Determinants of Personality)

व्यक्तित्व के निर्माण में दो मुख्य कारक भूमिका निभाते हैं:

A. जैविक कारक (Biological Factors):

  • अनुवांशिकता (Heredity): जो गुण माता-पिता से जींस के माध्यम से मिलते हैं। जैसे - शारीरिक बनावट, आंखों का रंग, बुद्धि की क्षमता।

  • अंतःस्रावी ग्रंथियां (Endocrine Glands):

    • Thyroid Gland: इससे Thyroxin निकलता है। कमी होने पर व्यक्ति सुस्त और मंदबुद्धि हो सकता है।

    • Adrenal Gland: यह संवेगों (क्रोध, डर) को नियंत्रित करती है।

  • शारीरिक गठन: स्वास्थ्य और शारीरिक बनावट आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।

B. पर्यावरणीय कारक (Environmental Factors):

  • परिवार: समाजीकरण की पहली पाठशाला। पालन-पोषण का तरीका व्यक्तित्व तय करता है।

  • विद्यालय: शिक्षक का व्यवहार और सहपाठियों का समूह।

  • संस्कृति: हम जिस संस्कृति में पलते हैं, हमारे मूल्य और विश्वास वैसे ही बन जाते हैं।


4. व्यक्तित्व के प्रमुख सिद्धांत (Theories of Personality)

CTET में सिद्धांतों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। इन्हें मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है: मनोविश्लेषणात्मक, प्रकार उपागम और शीलगुण उपागम।

I. मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) - Sigmund Freud

सिगमंड फ्रायड ने वियना में इस सिद्धांत का प्रतिपादन किया। इन्होंने मन की तुलना बर्फ के पहाड़ (Iceberg) से की।

A. मन के स्तर (Levels of Mind):

  1. चेतन मन (Conscious Mind):

    • यह कुल मन का केवल $\frac{1}{10}$ भाग होता है।

    • इसमें वर्तमान के विचार और अनुभव होते हैं।

    • यह वास्तविकता से जुड़ा है।

  2. अर्धचेतन मन (Subconscious Mind):

    • यह यादों का भंडार है।

    • थोड़ा जोर देने पर बातें याद आ जाती हैं। (जैसे - परीक्षा में उत्तर याद करना)।

  3. अचेतन मन (Unconscious Mind):

    • यह सबसे बड़ा भाग है ($\frac{9}{10}$ भाग)।

    • इसमें दमित इच्छाएं, काम वासनाएं, और अनैतिक विचार दबे रहते हैं।

    • फ्रायड के अनुसार यही व्यक्तित्व का मुख्य निर्धारक है।

B. व्यक्तित्व की संरचना (Structure of Personality):

फ्रायड ने व्यक्तित्व के तीन घटक बताए हैं:

घटकसिद्धांतउपनामकार्य
Id (इदम)सुख का सिद्धांत (Pleasure Principle)पशु प्रवृत्तियह तुरंत इच्छा पूरी करना चाहता है, चाहे सही हो या गलत। (जन्मजात होता है)।
Ego (अहम)वास्तविकता का सिद्धांत (Reality Principle)मानवतावादीयह Id और Super-Ego के बीच संतुलन बनाता है। यह पुलिस की तरह है।
Super-Ego (पराअहम)नैतिकता का सिद्धांत (Morality Principle)देवदूत/आदर्शवादीयह गलत काम करने से रोकता है और आदर्शों पर चलता है।
  • उदाहरण: आपको भूख लगी है और सामने मिठाई रखी है।

    • Id: "चोरी करके खा लो।"

    • Super-Ego: "चोरी करना पाप है।"

    • Ego: "पैसे देकर खरीद कर खाओ।" (रास्ता निकालता है)।

C. रक्षा युक्तियाँ (Defense Mechanisms):

जब Ego तनाव में आता है, तो वह खुद को बचाने के लिए कुछ तरीके अपनाता है। इन्हें समायोजन तंत्र भी कहते हैं।

  1. दमन (Repression): दुखद बातों को अचेतन मन में जबरदस्ती भूल जाना।

  2. प्रक्षेपण (Projection): अपनी कमी का दोष दूसरों पर डालना।

    • उदाहरण: "नाच न जाने आँगन टेढ़ा" (खुद नाचना नहीं आता, पर कह रहे हैं कि आँगन खराब है)।

  3. युक्तिकरण (Rationalization): अपनी असफलता के लिए तर्क देना।

    • उदाहरण: "अंगूर खट्टे हैं" (लोमड़ी को अंगूर नहीं मिले तो उसने कहा वे खट्टे हैं)।

  4. प्रतिगमन (Regression): तनाव में छोटे बच्चे जैसा व्यवहार करना।

    • उदाहरण: एक वयस्क का घबराहट में रोना या नाखून चबाना।

  5. उदात्तीकरण (Sublimation): बुरी ऊर्जा को अच्छे काम में लगाना।

    • उदाहरण: तुलसीदास जी पत्नी प्रेम को राम भक्ति में बदल दिया।


II. प्रकार सिद्धांत (Type Theories)

इसमें शरीर या व्यवहार के आधार पर लोगों को बांटा जाता है।

1. Hippocrates का वर्गीकरण:

इन्होंने शरीर के द्रवों (Fluids) के आधार पर 4 प्रकार बताए (400 BC में)।

  • कफ प्रधान (Phlegmatic): शांत और निष्क्रिय।

  • काले पित्त वाले (Melancholic): उदास और निराशावादी।

  • पीले पित्त वाले (Choleric): क्रोधी और चिड़चिड़े।

  • रक्त प्रधान (Sanguine): आशावादी और खुशमिजाज।

2. Kretschmer का शरीर रचना सिद्धांत:

  • Pyknic (पिकनिक): छोटे, मोटे, गोल। ये मिलनसार होते हैं।

  • Asthenic (एस्थेनिक): दुबले-पतले, कमजोर। ये चिड़चिड़े और एकांतप्रिय होते हैं।

  • Athletic (एथलेटिक): संतुलित शरीर, खिलाड़ी। ये ऊर्जावान होते हैं।

3. Sheldon का सोमैटोटाइप सिद्धांत (महत्वपूर्ण):

इन्होंने 1 से 7 के स्केल पर शरीर का मापन किया।

  • Endomorph (गोलाकार): भोजन प्रेमी, आराम पसंद, खुशमिजाज। (तुलना: Kretschmer के Pyknic से)।

  • Mesomorph (आयताकार): गठीला शरीर, साहसी, नेता। (तुलना: Kretschmer के Athletic से)।

  • Ectomorph (लम्बाकार): दुबले, संकोची, जल्दी घबराने वाले। (तुलना: Kretschmer के Asthenic से)।

4. Carl Jung (युंग) का मनोवैज्ञानिक सिद्धांत:

  • Introvert (अंतर्मुखी): अपनी दुनिया में रहने वाले, कम बोलने वाले, लेखक, वैज्ञानिक।

  • Extrovert (बहिर्मुखी): मिलनसार, सामाजिक, नेता, समाज सुधारक।

  • Ambivert (उभयमुखी): जिनमें दोनों गुण हों (अधिकतर लोग इसी श्रेणी में आते हैं)।


III. शीलगुण सिद्धांत (Trait Theories)

ये मानते हैं कि व्यक्तित्व कई छोटे-छोटे गुणों (Traits) से मिलकर बना है।

1. G.W. Allport का सिद्धांत:

इन्होंने शब्दकोश से लगभग 17,953 शब्द खोजे और उन्हें तीन श्रेणियों में बांटा:

  • Cardianl Traits (प्रधान गुण): वह गुण जो व्यक्ति के पूरे जीवन पर हावी रहता है। (उदाहरण: गांधीजी का 'सत्य-अहिंसा', हिटलर की 'तानाशाही')। यह हर किसी में नहीं होता।

  • Central Traits (केंद्रीय गुण): 5-10 गुण जो हर व्यक्ति के व्यवहार में दिखते हैं। (उदाहरण: ईमानदारी, सामाजिकता)।

  • Secondary Traits (गौण गुण): जो कम महत्वपूर्ण हैं, जैसे खाने की पसंद या कपड़ों का स्टाइल।

2. R.B. Cattell का सिद्धांत:

  • इन्होंने 'Factor Analysis' (कारक विश्लेषण) नामक सांख्यिकीय विधि का प्रयोग किया।

  • इन्होंने व्यक्तित्व के 16 मूल शील गुणों (Source Traits) की पहचान की।

  • इन्हीं के आधार पर 16 PF (Personality Factor) प्रश्नावली बनाई गई, जो वयस्कों के लिए है।

  • इन्होंने गुणों को दो भागों में बांटा:

    • Surface Traits (सतही गुण): जो बाहर दिखाई देते हैं।

    • Source Traits (मूल गुण): जो व्यवहार को अंदर से नियंत्रित करते हैं।

3. Eysenck का सिद्धांत (PEN Model):

  • P - Psychoticism (मनोविक्षिप्तता)

  • E - Extraversion (बहिर्मुखता)

  • N - Neuroticism (तंत्रिका ताप)

4. Big Five Model (OCEAN):

आधुनिक समय में यह सबसे मान्य है।

  • O - Openness (खुलापन/अनुभव)

  • C - Conscientiousness (कर्तव्यनिष्ठा)

  • E - Extraversion (बहिर्मुखता)

  • A - Agreeableness (सहमतिजन्यता)

  • N - Neuroticism (मनोक्षुब्धता)


5. व्यक्तित्व मापन की विधियाँ (Assessment of Personality)

मापन विधियों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

A. आत्मनिष्ठ विधियाँ (Subjective Methods)

इसमें व्यक्ति अपने बारे में जानकारी देता है। इसमें पूर्वाग्रह (Bias) की संभावना होती है।

  1. आत्मकथा (Autobiography): स्वयं अपने जीवन के बारे में लिखना।

  2. साक्षात्कार (Interview): आमने-सामने प्रश्न पूछना। यह दो प्रकार का होता है - संरचित (Structured) और असंरचित (Unstructured)।

  3. व्यक्ति इतिहास विधि (Case Study): समस्यात्मक बालकों के लिए सर्वोत्तम। इसमें जन्म से लेकर अब तक का पूरा इतिहास (परिवेश, बीमारी, परिवार) देखा जाता है। (Tiedman ने इसका प्रयोग किया)।

B. वस्तुनिष्ठ विधियाँ (Objective Methods)

इसमें बाहरी व्यवहार का अवलोकन किया जाता है।

  1. निरीक्षण/अवलोकन (Observation): नियंत्रित वातावरण में व्यवहार देखना।

  2. निर्धारण मापनी (Rating Scale): किसी गुण को स्तर देना (जैसे 1 से 5 स्टार)।

  3. प्रश्नावली (Questionnaire): प्रश्नों की सूची डाक द्वारा या प्रत्यक्ष दी जाती है।

    • खुली प्रश्नावली (विचार लिखने की छूट)।

    • बंद प्रश्नावली (हाँ/नहीं में उत्तर)।

C. प्रक्षेपी विधियाँ (Projective Methods) - Very Important for CTET

'प्रक्षेपण' का अर्थ है अपनी आंतरिक भावनाओं को किसी बाहरी उद्दीपक (Stimulus) पर थोपना। यह अचेतन मन (Unconscious Mind) को जानने के लिए सबसे अच्छी विधियाँ हैं।

1. रोरशा स्याही धब्बा परीक्षण (Rorschach Ink Blot Test - IBT):

  • प्रतिपादक: Hermann Rorschach (1921, स्विट्जरलैंड)।

  • कार्ड्स की संख्या: कुल 10 कार्ड्स।

    • 5 कार्ड: काले और सफेद।

    • 2 कार्ड: काले और लाल।

    • 3 कार्ड: बहुरंगी (Multi-colored)।

  • प्रक्रिया: बच्चे को कार्ड दिखाकर पूछा जाता है कि उसे क्या दिख रहा है (चमगादड़, परी, भालू आदि)।

2. प्रासंगिक अंतर्बोध परीक्षण (Thematic Apperception Test - TAT):

  • प्रतिपादक: Morgan & Murray (1935)।

  • उपयोग: वयस्कों (14 वर्ष से ऊपर) के लिए।

  • कार्ड्स की संख्या: कुल 31 कार्ड (30 चित्र + 1 खाली)।

    • एक व्यक्ति पर अधिकतम 20 कार्ड प्रयोग किए जाते हैं।

    • 10 पुरुषों के लिए, 10 महिलाओं के लिए, 10 दोनों के लिए।

  • प्रक्रिया: चित्र देखकर कहानी बनानी होती है। इससे व्यक्ति की आवश्यकता और दबाव (Need and Press) का पता चलता है।

3. बाल अंतर्बोध परीक्षण (Children Apperception Test - CAT):

  • प्रतिपादक: Leopold Bellak (1948)।

  • उपयोग: 3 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए।

  • कार्ड्स की संख्या: 10 कार्ड्स।

  • विशेषता: इन कार्ड्स पर जानवरों (Animals) के चित्र बने होते हैं जो इंसानों जैसे काम कर रहे होते हैं।

  • भारतीय अनुकूलन: उमा चौधरी ने किया।

4. वाक्य पूर्ति परीक्षण (Sentence Completion Test - SCT):

  • प्रतिपादक: Payne & Tendler.

  • प्रक्रिया: अधूरे वाक्यों को पूरा करना।

    • "मुझे बहुत डर लगता है जब........"

    • "मेरे पिता........"


महत्वपूर्ण तथ्य और सूत्र (Key Facts & Formulas)

  • 16 PF का निर्माण Cattell ने किया था।

  • MMPI (Minnesota Multiphasic Personality Inventory) एक प्रसिद्ध प्रश्नावली है जिसका निर्माण Hathaway & McKinley ने किया।

  • कारक विश्लेषण (Factor Analysis): Cattell ने इसका प्रयोग करके गुणों को छांटा। यदि हम इसे गणितीय रूप में देखें तो यह सहसंबंध (Correlation) पर आधारित है।

    • Correlation Coefficient $r$ की सीमा $-1$ से $+1$ के बीच होती है।

  • बुद्धि और व्यक्तित्व का संबंध: कई बार बुद्धि लब्धि (IQ) व्यक्तित्व को प्रभावित करती है।

    $$IQ = \frac{\text{Mental Age (MA)}}{\text{Chronological Age (CA)}} \times 100$$
  • व्यक्तित्व का 'Self Theory' (स्व-सिद्धांत): Carl Rogers ने दिया। उन्होंने "Real Self" और "Ideal Self" के बीच के अंतर को व्यक्तित्व विकास का आधार माना।


निष्कर्ष

व्यक्तित्व एक जटिल संप्रत्यय है। एक शिक्षक के रूप में, आपको विद्यार्थी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं (अंतर्मुखी/बहिर्मुखी) को समझना चाहिए ताकि आप शिक्षण विधियों को उनके अनुसार ढाल सकें। दमित इच्छाओं को बाहर निकालने के लिए प्रक्षेपी विधियों का ज्ञान कक्षा में समस्यात्मक बालकों को समझने में मदद करता है।



व्यक्तित्व: सिद्धांत और मापन

Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes

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