प्रस्तावना
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) के अनुसार, पर्यावरण अध्ययन को 6 मुख्य थीम्स (Themes) में विभाजित किया गया है। इनमें से 'परिवार एवं मित्र' (Family and Friends) सबसे पहली और आधारभूत थीम है।
एक शिक्षक के रूप में, यह समझना आवश्यक है कि बच्चा सबसे पहले अपने परिवार से सीखता है। इस अध्याय में हम परिवार की अवधारणा, उसके प्रकार, मित्रता का महत्व, और इससे संबंधित सामाजिक एवं शैक्षणिक मुद्दों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
1. परिवार (Family): अवधारणा और परिभाषाएँ
'परिवार' समाज की सबसे मौलिक और लघु इकाई है। यह वह प्राथमिक संस्था है जहाँ बालक का समाजीकरण प्रारंभ होता है।
शब्द की उत्पत्ति: 'परिवार' शब्द अंग्रेजी भाषा के Family का हिंदी रूपांतरण है। 'Family' शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द 'Famulus' (फैमूलस) से हुई है।
शाब्दिक अर्थ: 'Famulus' का अर्थ एक ऐसे समूह से है जिसमें माता-पिता, बच्चे और नौकर (प्राचीन रोमन संदर्भ में) शामिल होते हैं।
व्यापक अर्थ: साधारण शब्दों में विवाहित जोड़े को परिवार माना जाता है, लेकिन समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से परिवार में पति-पत्नी और उनके बच्चों का होना अनिवार्य है।
प्रमुख समाजशास्त्रियों द्वारा परिभाषाएँ
परीक्षा के दृष्टिकोण से निम्नलिखित परिभाषाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
मैकाइवर एवं पेज (MacIver and Page): "परिवार पर्याप्त निश्चित यौन संबंध द्वारा परिभाषित एक ऐसा समूह है, जो बच्चों के जनन एवं पालन-पोषण की उचित व्यवस्था करता है।"
क्लियर (Clare): "परिवार से हम संबंधों की वह व्यवस्था समझते हैं, जो माता-पिता और उनकी संतानों के बीच पाई जाती है।"
लुण्डबर्ग (Lundberg): "परिवार पर्याप्त रूप से निश्चित और स्थाई यौन संबंधों द्वारा परिभाषित एक समूह है, जो बच्चों के प्रजनन तथा पालन-पोषण की व्यवस्था करता है।"
2. परिवार के कार्य (Functions of Family)
परिवार के कार्यों को विभिन्न विद्वानों ने अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया है। यह वर्गीकरण CTET में अक्सर पूछा जाता है।
क. मैकाइवर (MacIver) का वर्गीकरण
मैकाइवर ने परिवार के कार्यों को दो मुख्य भागों में बाँटा है:
1. आवश्यक कार्य (Essential Functions): ये वे कार्य हैं जो परिवार के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हैं।
आर्थिक प्रावधान: भोजन, आवास और वस्त्र की व्यवस्था करना।
प्रजनन (Reproduction): संतान उत्पत्ति द्वारा वंश को आगे बढ़ाना।
शैक्षणिक कार्य: बालक की प्रारंभिक शिक्षा घर से ही शुरू होती है।
लैंगिक संतुष्टि: समाज द्वारा स्वीकृत विधि से यौन इच्छाओं की पूर्ति।
2. अनावश्यक कार्य (Non-essential Functions): ये कार्य परिवार के स्वरूप को बेहतर बनाते हैं लेकिन अस्तित्व के लिए अनिवार्य नहीं हैं।
मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराना।
धार्मिक कार्य।
स्वास्थ्य संबंधी कार्य।
ख. ऑगबर्न और निमकॉफ (Ogburn and Nimkoff) का वर्गीकरण
इन्होंने पारिवारिक कार्यों को 6 वर्गों में विभाजित किया है:
आर्थिक (Economic)
प्रकृत्यात्मक (Affectional - स्नेह संबंधी)
रक्षात्मक (Protective)
आनन्दपद (Recreational)
धार्मिक (Religious)
शैक्षणिक (Educational)
3. परिवार का वर्गीकरण (Classification of Family)
सामान्यतः भारतीय सामाजिक परिवेश में परिवार दो प्रकार के होते हैं, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में इसके अन्य रूप भी देखने को मिलते हैं।
1. एकल परिवार (Nuclear Family)
यह परिवार का सबसे छोटा रूप है।
संरचना: इसमें पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल होते हैं।
विशेषताएँ:
इसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता अधिक होती है।
निर्णय लेने की क्षमता का विकास तीव्र होता है।
आत्मनिर्भरता का गुण विकसित होता है।
गोपनीयता बनी रहती है।
दोष:
संकट के समय सहयोग की कमी हो सकती है।
बच्चों की देखभाल (विशेषकर यदि माता-पिता दोनों कामकाजी हों) में समस्या आती है।
बुजुर्गों के मार्गदर्शन का अभाव।
प्रचलन का कारण: बढ़ती महँगाई, रोजगार के लिए पलायन, और पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव।
2. संयुक्त परिवार (Joint Family)
प्राचीन भारतीय संस्कृति का आधार संयुक्त परिवार है।
संरचना: इसमें 2 या 3 पीढ़ियाँ एक साथ एक ही छत के नीचे रहती हैं। इसमें दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, ताऊ-ताई और उनके बच्चे शामिल होते हैं।
विशेषताएँ:
श्रम विभाजन: कार्यभार सभी सदस्यों में बँट जाता है।
सामाजिक सुरक्षा: बीमारी, बेरोजगारी या वृद्धावस्था में परिवार सहारा बनता है।
नागरिक गुणों का विकास: त्याग, सहयोग, और समायोजन की भावना विकसित होती है।
बच्चों का पालन-पोषण आसान होता है।
दोष:
पारिवारिक कलह की संभावना अधिक रहती है।
गोपनीयता (Privacy) का अभाव।
स्त्रियों की स्थिति अक्सर दयनीय हो सकती है।
आलस्य की प्रवृत्ति (क्योंकि भोजन और सुविधाएँ आसानी से मिल जाती हैं)।
3. अन्य प्रकार (Miscellaneous Types)
CTET परीक्षा में कभी-कभी विशिष्ट शब्दावली पूछी जाती है:
मातृस्थान परिवार (Matrilocal Family): विवाह के बाद पति अपनी पत्नी के घर (ससुराल) में जाकर रहता है। (उदाहरण: भारत की खासी और गारो जनजातियाँ)।
पितृस्थान परिवार (Patrilocal Family): विवाह के बाद पत्नी अपने पति के घर जाकर रहती है। (सामान्य भारतीय परंपरा)।
समरक्त संबंधी परिवार (Consanguineous Family): इसे अभिविन्यास परिवार भी कहते हैं। इसमें समान रक्त समूह के लोग सम्मिलित होते हैं।
वैवाहिक परिवार (Conjugal Family): यह एकल परिवार का ही रूप है जो विवाह के बाद बनता है।
4. परिवार का महत्त्व (Importance of Family)
बालक के विकास में परिवार की भूमिका सर्वोपरि है:
प्रथम पाठशाला: बालक की शिक्षा परिवार से ही प्रारंभ होती है। माता को बालक की 'प्रथम गुरु' कहा जाता है।
समाजीकरण (Socialization): बालक सामाजिक मानदंड, मूल्य, परंपराएँ और संस्कृति अपने परिवार से ही सीखता है।
मानसिक और शारीरिक विकास: बच्चे को पौष्टिक भोजन, खेल के अवसर और भावनात्मक सुरक्षा परिवार ही प्रदान करता है।
वंशानुक्रम (Heredity): बालक के रंग-रूप, बुद्धि और शारीरिक संरचना पर माता-पिता के जींस (Genes) का प्रभाव पड़ता है।
आदतों का निर्माण: अच्छी या बुरी आदतों की नींव परिवार में ही पड़ती है।
5. मित्र और मित्रता (Friends and Friendship)
परिवार के बाद, बालक के विकास में मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
परिभाषा: बालक के साथ खेलने वाला, पढ़ने वाला या उसके सुख-दुःख में साथ देने वाला उसका मित्र कहलाता है। जिनके साथ बालक रहना और कार्य करना पसंद करता है, वे उसके मित्र होते हैं।
स्वैच्छिक संबंध: मित्रता एक ऐसा रिश्ता है जो थोपा नहीं जाता, बल्कि अपनी रुचि और सुविधा से चुना जाता है।
अरस्तू (Aristotle) द्वारा मित्रता का वर्गीकरण
अरस्तू ने मित्रता को तीन भागों में विभाजित किया है, जो परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है:
उपयोगिता की मित्रता (Friendship of Utility):
इसमें मित्रता का आधार 'अपना हित' या 'स्वार्थ' होता है।
यह मित्रता तभी तक रहती है जब तक एक-दूसरे से काम निकलता है। (जैसे: व्यापारिक मित्रता)।
आनन्द की मित्रता (Friendship of Pleasure):
इसमें मित्रों के बीच आपसी खुशी और मनोरंजन प्राथमिकता होती है।
यह मित्रता अक्सर किशोरावस्था में देखी जाती है (जैसे: साथ में खेलने या घूमने वाले मित्र)।
अच्छी मित्रता (Friendship of Goodness/Virtue):
यह सर्वोत्तम प्रकार की मित्रता है।
इसमें आपसी सम्मान का भाव होता है।
यह हित पूर्ति या केवल आनंद के लिए नहीं होती, बल्कि इसमें एक-दूसरे के प्रति निस्वार्थ प्रेम होता है।
मित्रता का महत्व
कुसंगति से बचाव।
सामाजिक विकास में सहायक।
मानसिक तनाव को कम करना।
खेल-कूद और सहयोगात्मक कार्यों में मदद।
6. संबंध (Relationships)
संबंध वह बुनियाद है जिसमें दो या दो से अधिक लोग भावनाओं, रक्त या विवाह के आधार पर जुड़े होते हैं।
संबंधों का वर्गीकरण
वैवाहिक संबंध (Marital Relations):
यह संबंध विवाह के कारण उत्पन्न होते हैं।
उदाहरण: पति-पत्नी, सास-बहू, जीजा-साली, ननद-भाभी आदि।
समरक्त संबंध (Blood Relations):
यह संबंध रक्त के आधार पर बनते हैं।
उदाहरण: माता-पिता और बच्चों का संबंध, भाई-बहन का संबंध।
नोट: गोद लिए हुए बच्चे के साथ संबंध कानूनी और भावनात्मक होता है, लेकिन व्यापक रूप से इसे परिवार का हिस्सा माना जाता है।
7. कार्य एवं खेल (Work and Play)
NCF-2005 के अंतर्गत 'कार्य और खेल' को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। बच्चों के लिए खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सीखने की एक प्रक्रिया है।
खेल का महत्व
शारीरिक विकास: भागने-दौड़ने से मांसपेशियों और हड्डियों का विकास होता है। रक्त संचार बेहतर होता है।
मानसिक विकास: शतरंज, पहेलियाँ आदि खेलने से तर्क शक्ति और चिंतन क्षमता बढ़ती है।
सामाजिक विकास: समूह में खेलने से सहयोग, नेतृत्व, और हार-जीत को स्वीकार करने की भावना (Sportsmanship) आती है।
संवेगात्मक विकास: खेल बच्चों के लिए 'थेरेपी' का काम करता है। यह तनाव और आक्रामकता को कम करता है।
रचनात्मक खेल (Creative Play)
बाल्यावस्था से ही बच्चों में रचनात्मकता आने लगती है। ब्लॉक जोड़ना, मिट्टी के घरौंदे बनाना, या बेकार वस्तुओं से नई चीजें बनाना रचनात्मक खेल हैं। यह कल्पनाशक्ति को बढ़ाते हैं।
प्रमुख शिक्षण विधियाँ (खेल पर आधारित)
किंडरगार्टन विधि (फ्रोबेल)
मॉन्टेसरी विधि (मारिया मॉन्टेसरी)
ह्यूरिस्टिक विधि (आर्मस्ट्रांग) - खोज पर आधारित
प्रोजेक्ट विधि (किलपैट्रिक)
8. सामाजिक बुराइयाँ और परिवार (Social Evils)
EVS के पाठ्यक्रम में परिवार को प्रभावित करने वाली सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता भी शामिल है।
बाल विवाह (Child Marriage):
लड़कियों की शादी 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष से कम आयु में करना कानूनन अपराध है।
कानून: बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 (Prohibition of Child Marriage Act, 2006)।
दहेज प्रथा (Dowry System):
विवाह के समय वधु पक्ष से संपत्ति की मांग करना।
कानून: दहेज निषेध अधिनियम, 1961।
बाल श्रम (Child Labor):
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों या जोखिम भरे कार्यों में लगाना अपराध है।
अनुच्छेद 24: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 24 बाल श्रम का प्रतिषेध करता है।
9. शिक्षण शास्त्रीय मुद्दे (Pedagogical Issues - EVS)
एक शिक्षक के रूप में आपको कक्षा में 'परिवार' विषय कैसे पढ़ाना चाहिए?
विविधता का सम्मान: कक्षा में अलग-अलग पृष्ठभूमि के बच्चे होते हैं। किसी के पास एकल परिवार हो सकता है, किसी के पास संयुक्त, और किसी के पास 'एकल अभिभावक' (Single Parent) परिवार।
संवेदनशीलता: शिक्षक को किसी भी परिवार के प्रकार को 'आदर्श' या 'बुरा' नहीं कहना चाहिए। उदाहरण के लिए, यह कहना कि "संयुक्त परिवार ही सबसे अच्छा है," उन बच्चों को हीन भावना दे सकता है जो एकल परिवार में रहते हैं।
चर्चा विधि: बच्चों से उनके परिवार के अनुभवों पर चर्चा करवानी चाहिए।
रूढ़िवादिता को चुनौती: "माँ खाना बनाती है और पिता ऑफिस जाते हैं" - ऐसी लैंगिक रूढ़ियों (Gender Stereotypes) को तोड़ते हुए पढ़ाना चाहिए कि परिवार के सदस्य मिलजुल कर कार्य करते हैं।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Key Points for Revision)
कुडुक (Kuduk): झारखंड की एक भाषा और जनजाति है। जंगल को कुडुक भाषा में 'तोरांग' कहते हैं। (यह प्रश्न CTET में बार-बार आता है)।
ग्रेगर जॉन मेंडल: इन्हें 'आनुवंशिकी का जनक' कहा जाता है। इन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग किया था और बताया कि गुण अगली पीढ़ी में कैसे स्थानांतरित होते हैं।
कर्णम मल्लेश्वरी: यह एक वेटलिफ्टर (भारोत्तोलक) हैं। आंध्र प्रदेश की रहने वाली हैं और इन्होंने भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीता। (खेल अनुभाग से महत्वपूर्ण)।
मधुमक्खी पालन: इसे एपिकल्चर (Apiculture) कहते हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर में लीची के फूल मधुमक्खियों को लुभाते हैं (अक्टूबर से दिसंबर अंडे देने का सही समय है)।
निष्कर्ष
परिवार और मित्र न केवल EVS का एक अध्याय है, बल्कि यह बालक के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। CTET की परीक्षा में इस विषय से तथ्यात्मक (Factual) और शिक्षण शास्त्रीय (Pedagogical) दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए, रिश्तों की समझ, सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता और खेल के महत्व को समग्र रूप से समझना आवश्यक है।
परिवार एवं मित्र
Mock Test: 20 Questions | 20 Minutes
